अमेरिका से मिली भीख पड़ी कम! अब कटोरा लेकर चीन पहुंचे पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, जानिए क्या है एजेंडा


पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ- India TV Hindi News

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पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ

पाकिस्तान को हाल में ही अमेरिका से अच्छी खासी मदद मिली। इसमें एफ-16 लड़ाकू विमानों की मरम्मद में लिए पैकेज और बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए मानवीय मदद शामिल है। अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का भी अच्छा खासा स्वागत किया गया। ऐसा कहा जा रहा है कि अफगानिस्तान में अल-कायदा के प्रमुख अल-जवाहिरी को मारने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका को अपना वायु क्षेत्र उपलब्ध करवाया था। जिसके बदले में उसे ये मदद मिली। फिर इसी अमेरिका ने पाकिस्तान की परमाणु क्षमता पर सवाल उठाते हुए उसे दुनिया का सबसे खतरनाक देश बता दिया था। जिसके चलते पाकिस्तान को ये बात समझ में आ गई कि अपना काम निकलने के बाद अमेरिका अब आगे मुश्किल ही मदद करेगा। जिसके चलते उसने एक बार फिर चीन की तरफ अपना ध्यान देना शुरू कर दिया है। इसी वजह से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मंगलवार को चीन दौरे पर पहुंचे।    

वह चीन की दो दिन की आधिकारिक यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे और उनके दोनों नेताओं के सदाबहार रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करने की उम्मीद है। शरीफ चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग के निमंत्रण पर यहां आए हैं। चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बीजिंग हवाई अड्डे पर उनकी आगवानी की। उनके प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी, वित्त मंत्री इसहाक डार, योजना मंत्री अहसान इकबाल, सूचना मंत्री मरयम औरंगजेब, रेल मंत्री साद रफीक और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह शामिल हैं। अपनी यात्रा के दौरान शरीफ राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात करेंगे, वहीं प्रधानमंत्री क्विंग के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे।

पीएम बनने के बाद शरीफ की पहली चीन यात्रा

शरीफ की अप्रैल में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह चीन की पहली यात्रा है। शरीफ की जिनपिंग से बुधवार को मुलाकात होनी है। हाल में हुई कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस में जिनपिंग अप्रत्याशित तौर पर राष्ट्रपति पद का तीसरा कार्याकाल हासिल करने में कामयाब रहे हैं। वह पार्टी के संस्थापक माओ त्से-तुंग के बाद तीसरा कार्यकाल पाने वाले पहले नेता हैं। वहीं शरीफ व्यक्तिगत रूप से 69 वर्षीय जिनपिंग को बधाई देने के लिए यहां आने वाले पहले शासन प्रमुख हैं। शरीफ चीनी राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक संकट पर चर्चा कर सकते हैं। शरीफ भुगतान संतुलन की स्थिति का समर्थन करने के लिए उनकी सरकार को और अधिक सहायता प्रदान करने के वास्ते जिनपिंग से बातचीत कर सकते हैं ताकि श्रीलंका जैसी स्थिति से बचा जा सके। 

अंतररराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, पाकिस्तान पर ‘पेरिस क्लब’ के बाहरी देशों का द्विपक्षीय ऋण लगभग 27 अरब डॉलर है, जिसमें से चीन का कर्ज ऋण करीब 23 अरब डॉलर है। शरीफ जिनपिंग के अलावा चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग और चीनी संसद के प्रमुख ली झानशू से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के रिश्तों पर चर्चा करेंगे। ये दोनों नेता अगले साल मार्च में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। शरीफ की यात्रा से पहले पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि यात्रा से व्यापक द्विपक्षीय सहयोग एजेंडा को आगे बढ़ाने की उम्मीद है और इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौते भी हो सकते हैं। उसके मुताबिक, 27 अक्टूबर, 2022 को सीपीईसी संयुक्त सहयोग समिति (जेसीसी) की 11वीं बैठक के मद्देनजर सीपीईसी सहयोग की गति को मजबूत भी किया जाएगा।

जिनपिंग ने शुरू की थी सीपीईसी परियोजना

जिनपिंग ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान 60 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की शुरुआत की थी, जो उनके कई अरब डॉलर की ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) के तहत एक प्रमुख परियोजना है। दोनों पक्ष सदाबहार रणनीतिक सहयोग साझेदारी की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री के तौर पर यह शरीफ की चीनी राष्ट्रपति से दूसरी मुलाकात है। उन्होंने पिछले महीने उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के मौके पर जिनपिंग से मुलाकात की थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार शरीफ चीन के नेतृत्व के साथ ‘सकारात्मक और फलदायक बैठकों’ को लेकर आशान्वित हैं, जिनका उद्देश्य व्यापार, रणनीतिक और जनता के बीच संबंधों को बढ़ाना है।

रेडियो पाकिस्तान की खबर के अनुसार, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने बीजिंग में ब्रीफिंग के दौरान कहा कि चीन प्रधानमंत्री शरीफ की आगामी यात्रा का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि चीन इस यात्रा में पाकिस्तान के साथ उच्चस्तरीय रणनीतिक सहयोग को और बढ़ाने को लेकर आशान्वित है और दोनों देशों की जनता के फायदे के लिए चीन-पाक मित्रता के और अधिक कारगर परिणाम देखना चाहता है। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हालात कैसे भी हों, दोनों देशों के बीच दोस्ती पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने एक दूसरे के हितों से जुड़े मुद्दों पर आपस में हमेशा समर्थन किया है और साथ खड़े रहे हैं। डॉन अखबार ने खबर दी कि प्रधानमंत्री शरीफ दो दिन की आधिकारिक यात्रा में अरबों डॉलर के सीपीईसी पर बात कर सकते हैं और चीन-पाकिस्तान मुक्त व्यापार समझौते के दूसरे चरण के अधिकतम उपयोग से पड़ोसी देश के साथ व्यापार और निवेश के सबंधों का विस्तार करने पर ध्यान दे सकते हैं।

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