अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पत्नी और बेटी की अपने देश में एंट्री पर रूस ने लगाया बैन


Joe Biden, his wife Jill and daughter Ashley- India TV Hindi
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Joe Biden, his wife Jill and daughter Ashley

Highlights

  • बाइडेन की पत्नी जिल और बेटी एशले सहित रूस की ‘‘स्टॉप लिस्ट’’ में 25 नाम
  • रूस ने चार सीनेटर के अपने यहां प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया
  • रूस यूक्रेन युद्ध नहीं जीत सकता और उसे जीतना भी नहीं चाहिए- फ्रांस के राष्ट्रपति

Russia bans Biden’s wife, daughter: रूस ने मंगलवार को घोषणा की कि वह देश के खिलाफ बढ़ते प्रतिबंधों के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पत्नी और बेटी के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाइडेन की पत्नी जिल और बेटी एशले सहित देश की ‘‘स्टॉप लिस्ट’’ में 25 नाम जोड़े गए हैं। रूस ने चार सीनेटर के अपने यहां प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिन्हें उसने रूस के खिलाफ काम करने वालों के रूप में चिह्नित किया। इनमें रिपब्लिकन मिच मैककोनेल, सुसान कॉलिन्स, बेन सासे और डेमोक्रेट कर्स्टन गिलिब्रैंड के नाम हैं। प्रतिबंध सूची में ‘द एंड ऑफ हिस्ट्री एंड द लास्ट मैन’ के लेखक फ्रांसिस फुकुयामा का भी नाम है। बता दें कि अमेरिका इस समय यूक्रेन का सबसे बड़ा मददगार है और उसने युद्ध के बाद से यूक्रेन को अरबों डॉलर की सहायता भेजी है। इसके अलावा अमेरिका ने पुतिन सहित रूस के कई बड़े लोगों पर कठोर प्रतिबंध भी लगाए हैं।  

रूस ने बताया कब खत्म होगा यूक्रेन युद्ध


इसके साथ ही रूस ने यह भी बताया कि युद्ध हाल फिलहाल में समाप्त होने वाला नहीं है। क्रेमलिन ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन के आत्मसमर्पण करते ही रूस अपने आक्रमण को रोक देगा। रूस ने यूक्रेनी अधिकारियों से अपने सैनिकों को हथियार डालने का आदेश देने का आग्रह किया है। रूस का कहना है कि जब तक यूक्रेन की सेना हथियार नहीं डालेगी और सरेंडर नहीं करेगी तब तक युद्ध नहीं रुकेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा, “यूक्रेनी पक्ष चाहे तो आज ही सब कुछ रोक सकता है। राष्ट्रवादी इकाइयों को हथियार डालने का आदेश देना उनके लिए जरूरी है, तभी युद्ध रुकेगा।”

‘रूस को यूक्रेन युद्ध नहीं जीतना चाहिए, वह जीत भी नहीं सकता’

वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने आज कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध नहीं जीत सकता और उसे जीतना भी नहीं चाहिए। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब रूस ने एक शॉपिंग मॉल को निशाना बनाते हुए मिसाइलों से हमला किया जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई। जर्मनी में जी 7 शिखर सम्मेलन के अंत में अपने संबोधन में मैक्रों ने कहा कि सात औद्योगिकीकृत लोकतंत्र यूक्रेन का समर्थन ‘‘उस समय तक करते रहेंगे, जब तक यह जरूरी हो।’’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रूस के खिलाफ प्रतिबंधां को कामय रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘रूस जीत नहीं सकता और न ही उसे जीतना चाहिए।”

यूरोपीय इतिहास का सबसे दुस्साहस पूर्ण हमला

यूक्रेन ने इस हमले को यूरोपीय इतिहास के सबसे दुस्साहस पूर्ण हमलों में से एक बताया। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि क्रेमेनचुक शहर में मॉल में दोपहर के वक्त 1,000 से अधिक खरीदार और कर्मचारी थे। हालांकि, हमले के बाद मलबे से काले धुएं और धूल के गुबार के साथ नारंगी रंग की आग की लपटें उठीं। आग को बुझा दिया गया है, लेकिन इसके घंटों बाद भी मलबे से काले धुएं का उठना अब भी जारी है। बचावकर्मियों द्वारा सुलगते मलबे में छानबीन शुरू करने के बाद हताहतों की संख्या बढ़ गई। क्षेत्रीय गवर्नर दिमित्रो लुनिन ने कहा कि कम से कम 18 लोग मारे गए और 59 लोगों ने चिकित्सीय सहायता मांगी। सहायता मांगने वालों में से 25 को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मिसाइल हमले पर रूसी सरकार की पहली टिप्पणी में, संयुक्त राष्ट्र में देश के पहले उप स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पॉलींस्की ने कई विसंगतियों का आरोप लगाया। उन्होंने ट्विटर पर दावा किया कि यह कार्रवाई यूक्रेन द्वारा उकसाने वाली घटना थी। रूस ने बार-बार इस बात से इनकार किया है कि वह नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता है, भले ही चार महीने से जारी युद्ध में शॉपिंग मॉल, थिएटर, अस्पताल, किंडरगार्टन और अपार्टमेंट प्रभावित हुए हैं।





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