अरबों की संपत्ति छोड़ गए दादा-दादी तो दुखी हो गई लड़की, चाहती है सरकार ले ले सारी जायदाद, जानें पूरा माजरा


वैसे तो अधिकांश लोग अपने पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई संपत्ति मिलने पर खुशी जताते हैं. लेकिन ऑस्ट्रिया में रहने वाली एक जर्मन लड़की अपने दादा-दादी की छोड़ी गई अरबों की संपत्ति को लेकर दुखी है. दरअसल, वह चाहती है कि उस पर टैक्स लगाया जाए. न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, जर्मन लड़की ने आने वाली अरबों की विरासत पर अपनी “नाराजगी” व्यक्त की है. वह चाहती है कि इस सब पर सरकार द्वारा हाई टैक्स लगाया जाए.

ऑस्ट्रिया की मार्लीन एंगेलहॉर्न ने पिछले महीने अपनी दादी के निधन के बाद चौंकाने वाली टिप्पणी की, जो परिवार के स्वामित्व वाली लंबे समय से स्थापित केमिकल फर्म बिजनेस से एक बड़ी राशि अपने पीछे छोड़ गईं. एंगेलहॉर्न के अनुसार, विरासत के पैसे पर टैक्स लगाया जाना चाहिए, न कि केवल एक व्यक्ति के हित के लिए छोड़ देना चाहिए. न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, एंगेलहॉर्न ‘टैक्स मी नाउ’ की सह-संस्थापक हैं, जो संपन्न व्यक्तियों का एक संगठन है, जो अमीरों पर अधिक टैक्स के माध्यम से जर्मनी और ऑस्ट्रिया में धन का दोबारा वितरण करना चाहती है.

एंगेलहॉर्न विरासत में मिली संपत्ति पर हाई टैक्स का समर्थन करती हैं, क्योंकि, उनके विचार से धन उत्तराधिकारी द्वारा अर्जित नहीं किया गया था. इसे समान रूप से वितरित किया जाना चाहिए. न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, ऑस्ट्रिया, जहां एंगलहॉर्न रहती हैं, उन्होंने 2008 में अपने उत्तराधिकार कर को समाप्त कर दिया.

न्यू यॉर्क पोस्ट ने फोर्ब्स की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है जिसके अनुसार, उनके परिवार का बहु-अरब डॉलर का व्यवसाय रासायनिक कंपनी बीएएसएफ से आता है, जिसे 1865 में स्थापित किया गया था. परिवार की कुल संपत्ति 4.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है. न्यूयॉर्क पोस्ट ने आगे टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला दिया था जिसके अनुसार, एंगेलहॉर्न का पालन-पोषण वियना की एक हवेली में हुआ था और उन्होंने फ्रेंच स्कूलों में पढ़ाई की.



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