इमरान की मंत्री रहीं शिरीन मजारी को पुलिस ने ‘पीटा’, फिर यूं हुआ यू-टर्न


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Pakistan Ex-minister Shireen Mazari.

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में इमरान खान के सत्ता से बाहर होने के बाद से सियासी उथल-पुथल मची हुई है। एक तरफ इमरान नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार के लोग भी पूर्व पीएम पर निशाना साध रहे हैं। इस बीच खबर आई है कि पाकिस्तान की इमरान खान सरकार में मानवाधिकार मंत्री रहीं 59 वर्षीय शिरीन मजारी (Shireen Mazari arrested) को पुलिस अधिकारियों ने ‘पीटा’ और उन्हें अपने साथ ले गये। पिछले महीने इमरान को अविश्वास प्रस्ताव के जरिये पीएम पद से हटाने के बाद से मजारी पाकिस्तान की आर्मी पर लगातार हमला बोल रही हैं।

गिरफ्तारी से खड़ा हुआ था राजनीतिक तूफान

एंटि-करप्शन ऑफिसर्स द्वारा मजारी की गिरफ्तारी के बाद एक राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया लेकिन पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हमजा शहबाज के हस्तक्षेप से यह जल्द ही शांत हो गया। हमजा शहबाज ने पुलिस को आदेश दिया कि वह मजारी को हिरासत से रिहा कर दे। मामले ने एक बड़ा यू-टर्न तब ले लिया जब हमजा ने मजारी की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस अफसरों के खिलाफ ही जांच के आदेश दे दिए। हमजा ने कहा कि उन्होंने मजारी की गिरफ्तारी का आदेश नहीं दिया था जिससे पता चलता है कि वह मजारी की नजरबंदी के पीछे ‘दूसरी ताकतों’ को जिम्मेदार बता रहे थे।

1970 का है मजारी के खिलाफ मामला
इससे पहले मजारी की बेटी ईमान जैनब मजारी-हजीर ने ट्वीट किया कि उनकी मां को ‘एंटि-करप्शन’ अधिकारियों ने गिरफ्तार किया है। उस समय मजारी के खिलाफ आरोप घोषित नहीं किये गए थे। मजारी-हजीर ने कहा, ‘पुरुष पुलिस अधिकारियों ने मेरी मां को पीटा और उन्हें अपने साथ ले गए। मुझे केवल इतना बताया गया कि लाहौर की एंटि-करप्सन यूनिट उन्हें ले गई।’ भ्रष्टाचार रोधी प्रतिष्ठान (ACE) के अधिकारियों ने पाकिस्तानी मीडिया से कहा कि शिरीन को हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक मजारी के खिलाफ पुलिस का मामला 1970 का है जब वह 7 साल की थीं।

परिवार पर 100 एकड़ जमीन हड़पने का आरोप
मजारी के परिवार पर पंजाब की राजधानी लाहौर से 400 किलोमीटर दूर डीजी खान जिले में 800 कनाल (100 एकड़) जमीन हड़पने का आरोप है। दशकों की न्यायिक देरी के बाद इस साल मार्च में इस मामले में पुलिस में केस दर्ज किया गया। प्रधानमंत्री के पूर्व विशेष सहायक शाहबाज गिल ने पाकिस्तान तहरीक-ए -इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं से कोहसार पुलिस थाने पहुंचने को कहा है जहां मजारी को रखा गया है। PTI के नेताओं ने कहा कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक विद्वेष के कारण की गई है।





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