इस देश में पेशाब से बनाई जा रही है बीयर? क्या इसे पीने की करेंगे हिम्मत?


सिंगापुर. सिंगापुर की एक ब्रूवरी में इन दिनों एक अलग टाइप की बीयर मिल रही है. वैसे तो बीयर फलों और जौ के पानी के सड़ाकर एल्कोहल मिलाकर बनाई जाती है, लेकिन सिंगापुर में सीवेज यानी गंदे नाले के पानी और यूरीन बीयर बनाई जा रही है. न्यू्ब्रू नाम के इस बीयर को फिलहाल दुनिया के सबसे इको-फ्रेंडली बीयर के रूप में प्रमोट किया जा रहा है. बता दें कि बीयर बनाने वाली जगह को ब्रूवरी कहते हैं.

ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूब्रू को एक खास तरीके से लिक्विड से बनाया जाता है. इसमें नालों के पानी और अपशिष्ट को रिसाइकल किया जाता है और फिल्टर करके तैयार किया जाता है. इस खास लिक्विड का नाम नीवॉटर है. ये सिंगापुर में 20 साल से मौजूद है. वहां के बीयर में 95 फीसदी नीवॉटर ही मिलाया जाता है.

सिंगापुर की वॉटर अथॉरिटी ने देश की पानी की कमी की समस्याओं के बारे में जागरूकता पैदा करने और उन समस्याओं के समाधान के तौर पर दुकानों और बार में उपलब्ध पेय पदार्थ लॉन्च किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, NeWater को कई तरह के जांच प्रोसेस से गुजना पड़ता है. इससे ये पानी सुरक्षित हो जाता है.

सिंगापुर की वॉटर अथॉरिटी ने बताया कि यहां पीने के पानी की भारी कमी है. ये देश हर तरफ से समुद्र से घिरा है. समुद्र के पानी का इस्तेमाल पीने के लिए नहीं किया जा सकता. ऐसे में सरकार सालों ने पीने के पानी के विकल्प पर काम कर रही है.

पानी की कमी के कारण सिंगापुर, सालों से मलेशिया से पीने का पानी खरीद रहा है. बारिश के पानी को भी स्टोर करके रिसाइकल किया जाता है. इसके बाद भी सिंगापुर को जरूरत का सिर्फ 50 फीसदी पानी ही मिल पाता है. बाकी जरूरत के काम के लिए नाले या सीवेज के पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है.

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2060 तक सिंगापुर में आबादी बढ़ने के साथ ही पानी की मांग दोगुनी होने की उम्मीद है. ऐसे में नीवॉटर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है.



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