उज्बेकिस्तान में संवैधानिक सुधारों के खिलाफ भड़का लोगों का गुस्सा, कई इलाकों में आपातकाल लागू


ताशकंद. उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने शनिवार को विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित कराकल्पकस्तान स्वायत्तशासी इलाके में एक महीने के आपातकाल की घोषणा कर दी है. इस इलाके में एक हफ्ते पहले संवैधानिक सुधारों की योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. जबकि राष्ट्रपति मिर्जियोयेव यह कह चुके हैं कि कराकल्पकस्तान स्वायत्तशासी इलाके का स्वायत्तशासी दर्जा बरकरार रहेगा.

समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि कराकल्पकस्तान गणराज्य की कानूनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं होना है. हम निश्चित रूप से एक नया उज्बेकिस्तान और एक नया कराकल्पकस्तान एक साथ बनाएंगे. आधिकारिक आदेश के अनुसार आपातकाल 3 जुलाई से 2 अगस्त तक लागू रहेगा. इस आदेश में प्रांत में आने-जाने पर नियंत्रण लगाने की घोषणा की गई है और सभी जन आयोजनों पर रोक लगा दिया गया है. इसके साथ ही इलाके में वाहनों की आवाजाही पर भी नियंत्रण लगाया गया है.

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कराकल्पकस्तान प्रांत की राजधानी नुकस का दौरा किया, जहां प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों पर हमला किया था. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कराकल्पकस्तान का स्वायत्तशासी दर्जा बदला नहीं जाना चाहिए. मीडिया की खबरों में कहा गया है कि नुकस में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रस्तावित संविधानिक संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अपील करने वाले एक स्थानीय ब्लॉगर की रिहाई की भी मांग की.

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कराकल्पकस्तान के लोगों को आशंका है कि संवैधानिक सुधारों में उनके प्रांत का स्वायत्तशासी दर्जा खत्म हो सकता है. कराकल्पकस्तान की राजधानी नुकस में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. फिलहाल इस समय वहां पर शांति स्थापित हो गई है. अधिकारी नागरिकों को साफ बता रहे हैं कि कानून के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके साथ-साथ नागरिकों की अपील पर विचार करने के लिए भी काम चल रहा है.

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