क्या अपने अंत के करीब है ‘ISS’? पुतिन के एक फैसले से ऑर्बिटल लैब और पश्चिम के साथ टूट रहा रूस का रिश्ता, जानिए इस फैसले का कारण


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International Space Station Russia

Highlights

  • अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हो रहा रूस
  • यूक्रेन युद्ध के चलते उपजा तनाव हो सकता है कारण
  • अमेरिका-रूस के साथ काम करने का उदाहरण है ISS

Russia Leaving ISS: रूस का इरादा है कि वह साल 2024 के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से हट जाएगा, रूसी अंतरिक्ष एजेंसी, रोस्कोस्मोस के नए प्रमुख यूरी बोरिसोव ने 26 जुलाई, 2022 को व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में इस आशय की घोषणा की। बोरिसोव ने यह भी कहा कि भविष्य के प्रयास एक नए रूसी अंतरिक्ष स्टेशन पर केंद्रित होंगे। आईएसएस पर वर्तमान समझौतों के अनुसार यह 2024 तक काम कर रहा है और स्टेशन को कक्षा में रहने के लिए रूसी मॉड्यूल की आवश्यकता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश स्टेशन की कार्य अवधि को 2030 तक बढ़ाना चाहते हैं। रूस की घोषणा, हालांकि किसी भी समझौते का उल्लंघन या स्टेशन के दैनिक संचालन के लिए तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन यह आईएसएस से जुड़े महीनों के राजनीतिक तनाव की परिणति को चिह्नित करता है।

अपने 23 साल के जीवनकाल में, स्टेशन इस बात का एक महत्वपूर्ण उदाहरण रहा है कि पूर्व विरोधी होने के बावजूद रूस और अमेरिका एक साथ कैसे काम कर सकते हैं। यह सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में दोनो देशों के संबंध खराब हुए हैं। वैसे अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रूसी इस घोषणा का पालन करेंगे या नहीं, लेकिन यह घोषणा अंतरिक्ष में अब तक के सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संचालन में बड़ी बाधा पैदा करती है। अंतरिक्ष नीति का अध्ययन करने वाले एक विद्वान के रूप में, मुझे लगता है कि अब सवाल यह है कि क्या राजनीतिक संबंध इतने खराब हो गए हैं कि अंतरिक्ष में एक साथ काम करना असंभव हो चला है।

यह निकासी कैसी दिखेगी?

रूस आईएसएस के 17 में से छह मॉड्यूल संचालित करता है- जिसमें ज्वेज्दा भी शामिल है, जिसमें मुख्य इंजन सिस्टम है। यह इंजन स्टेशन की कक्षा में बने रहने की क्षमता और खतरनाक अंतरिक्ष मलबे के रास्ते से अलग रहने के लिए महत्वपूर्ण है। आईएसएस समझौतों के तहत, रूस अपने मॉड्यूल पर पूर्ण नियंत्रण और कानूनी अधिकार रखता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रूस की वापसी कैसे होगी। रूस की घोषणा केवल ‘2024 के बाद’ की बात करती है। इसके अतिरिक्त, रूस ने यह नहीं बताया कि क्या वह आईएसएस भागीदारों को रूसी मॉड्यूल का नियंत्रण लेने और स्टेशन का संचालन जारी रखने की अनुमति देगा या क्या इसके लिए मॉड्यूल को पूरी तरह से बंद करने की आवश्यकता होगी।

यह देखते हुए कि रूसी मॉड्यूल स्टेशन संचालन के लिए आवश्यक हैं, यह अनिश्चित है कि स्टेशन उनके बिना काम करने में सक्षम होगा या नहीं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि रूसी मॉड्यूल को आईएसएस के बाकी हिस्सों से अलग करना संभव होगा, क्योंकि इसे पूरे स्टेशन को आपस में जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया था। रूस कैसे और कब स्टेशन से बाहर निकलने का फैसला करता है, इस पर निर्भर करते हुए, भागीदार देशों को इस बारे में कठिन विकल्प बनाने होंगे कि आईएसएस को पूरी तरह से हटा दिया जाए या इसे आकाश में रखने के लिए रचनात्मक समाधान खोजा जाए।

राजनीतिक तनाव का सिलसिला

रूस द्वारा पहली बार फरवरी में यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से आईएसएस से संबंधित घटनाओं की श्रृंखला में वापसी की घोषणा नवीनतम है। रूस के जाने के फैसले का आईएसएस के दैनिक कामकाज पर खास असर नहीं पड़ना चाहिए। पिछले महीनों में हुई कई छोटी-मोटी घटनाओं की तरह, यह एक राजनीतिक कार्रवाई है। पहली घटना मार्च में हुई थी, जब तीन रूसी अंतरिक्ष यात्री पीले और नीले रंग के फ्लाइट सूट में अपने कैप्सूल से निकले थे, जो कि यूक्रेनी ध्वज के रंग से मिलते जुलते थे। समानता के बावजूद, रूसी अधिकारियों ने इस संयोग के बारे में कभी कोई बात नहीं की। फिर, 7 जुलाई, 2022 को, नासा ने एक तस्वीर दिखाने पर रूस की सार्वजनिक रूप से आलोचना की। फोटो में, तीन रूसी अंतरिक्ष यात्री पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेनाओं के कब्जे वाले क्षेत्रों से जुड़े झंडे के साथ पोज दे रहे थे।

स्टेशन के संचालन में कोई व्यवधान नहीं आया है। स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्री हर दिन दर्जनों प्रयोग करते रहते हैं, साथ ही संयुक्त स्पेसवॉक भी करते हैं। लेकिन बढ़ते तनाव का एक महत्वपूर्ण प्रभाव यह रहा कि आईएसएस पर यूरोपीय देशों के साथ संयुक्त प्रयोगों में रूस ने भाग लेना बंद कर दिया। इस बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है कि रूस की वापसी उसके मॉड्यूल के उपयोग को कैसे प्रभावित करेगी, अल्पावधि में, ऐसा लगता है कि वैज्ञानिक प्रयोगों पर सबसे बड़ा प्रभाव होगा।

अब क्यों?

यह स्पष्ट नहीं है कि रूस ने अभी यह घोषणा क्यों की है। फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण शुरू होने के बाद से आईएसएस को लेकर तनाव बहुत बढ़ गया है। उस समय, रोस्कोस्मोस के तत्कालीन प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने कहा था कि रूस के आईएसएस छोड़ने की संभावना हो सकती है। हालांकि, रोगोजिन को हाल ही में उनके पद से हटा दिया गया था, और नासा और रोस्कोस्मोस ने आईएसएस के लिए सीट अदला बदली की घोषणा की थी। इस सौदे के तहत, एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री भविष्य के सोयुज मिशन पर स्टेशन भेजा जाएगा जबकि एक अंतरिक्ष यात्री आगामी स्पेसएक्स ड्रैगन लॉन्च से भेजा जाएगा।

इस घटनाक्रम से ऐसा लगा कि दोनों पक्ष अभी भी अंतरिक्ष में एक साथ काम करने के तरीके खोजने में सक्षम हो सकते हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि वह भ्रामक बातें थीं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका आईएसएस से परे भविष्य पर विचार कर रहा है। नासा वर्तमान में एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन के विकास के पहले चरण में है। इस नए अंतरिक्ष स्टेशन के विकास में तेजी लाना मुश्किल होगा, लेकिन यह संकेत देता है कि आईएसएस अपने उत्पादक और प्रेरणादायक जीवन के अंत के करीब है, चाहे रूस कुछ भी करे। 

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