गुरुवार को शिया तो शुक्रवार को सुन्नी मस्जिद में हुआ ब्लास्ट, कई लोगों की मौत


Afghanistan mosque blast, Kunduz Mosque blast, Sunni Mosque blast- India TV Hindi
Image Source : AP
A Taliban fighter standing guard outside the site of a bomb explosion inside a mosque, in Mazar-e-Sharif province, Afghanistan.

Highlights

  • कुंदुज प्रांत के इमाम साहिब शहर में हुए बम विस्फोट में 43 अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें से कई छात्र हैं।
  • विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
  • इससे पहले अफगानिस्तान में शिया मुसलमानों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार विस्फोट हुए थे।

काबुल: अफगानिस्तान में शुक्रवार को एक सुन्नी मस्जिद और धार्मिक स्कूल में हुए विस्फोट में स्कूल के छात्रों सहित कम से कम 33 लोग मारे गए। तालिबान के अधिकारी जबीहुल्ला मुजाहिद ने कुंदुज प्रांत के इमाम साहिब शहर में हुए बम विस्फोट की खबर को ट्वीट करते हुए कहा कि इसमें 43 अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें से कई छात्र हैं। मवलावी सिकंदर मस्जिद एवं स्कूल में हुए विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

गुरुवार को शियाओं पर हुए थे ताबड़तोड़ हमले

इससे पहले अफगानिस्तान में शिया मुसलमानों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार विस्फोट हुए थे, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबद्ध एक संगठन ने इन विस्फोटों की शुक्रवार को जिम्मेदारी ली थी। वहीं, पाकिस्तान ने अपने पूर्वी पंजाब प्रांत में इस्लामिक स्टेट के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की थी। अफगानिस्तान में गुरुवार को 3 घातक बम विस्फोट किये गये, जिनमें से एक विस्फोट उत्तरी मज़ार-ए-शरीफ स्थित शियाओं की मस्जिद में हुआ। अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि कम से कम 12 लोग मारे गए हैं और 40 से ज्यादा घायल हुए हैं।

नमाजियों के बीच बैग में छिपाया था बम
दूसरा बम काबुल में एक बाल विद्यालय के पास सड़क किनारे फटा, जिसके कारण शिया बहुल क्षेत्र दश्त-ए-बारची के 2 बच्चे घायल हो गये। तीसरा बम विस्फोट उत्तरी कुंदुज में हुआ, जिसमें 11 मैकेनिक की मौत हो गयी। ये मैकेनिक देश के तालिबानी शासन के लिए काम कर रहे थे। पिछले अगस्त में सत्ता पर काबिज होने के बाद से तालिबान शासन के समक्ष इस्लामिक स्टेट (खोरासान प्रांत) अर्थात ‘आईएस-के’ संगठन एक चुनौती बनकर उभरा है। आईएस-के की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि मज़ार-ए-शरीफ की साई दोकेन मस्जिद में तबाही मचाने वाला विस्फोटक उपकरण नमाजियों के बीच रखे गए एक बैग में छुपाया गया था।

‘जैसे ही नमाज शुरू हुई, ब्लास्ट हो गया’
बयान में कहा गया कि जैसे ही नमाजियों ने घुटने के बल बैठकर नमाज पढ़ना शुरू किया, बम विस्फोट हो गया। आईएस के बयान में कहा गया है, ‘जब मस्जिद नमाजियों से भरी थी, तभी दूर बैठकर विस्फोट किया गया।’ बयान में दावा किया गया है कि इस विस्फोट में कम से कम 100 लोग घायल हुए हैं। बल्ख प्रांत में सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख जबिहुल्ला नूरानी ने कहा कि अब्दुल हामिद संगरयार को गुरुवार के मस्जिद हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। आईएस-के ने हालिया महीनों में पाकिस्तान में भी हमले तेज किये हैं और इसने मार्च में पेशावर प्रांत में शियाओं की एक मस्जिद को निशाना बनाया था।

पाकिस्तान में मारे गए थे 65 से ज्यादा नमाजी
पाकिस्तान के पेशावर में हुए हमले में 65 से ज्यादा नमाजी मारे गये थे। इस बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फैसलाबाद शहर में स्थानीय पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक चेतावनी जारी की है और कहा है, ‘ऐसी जानकारी मिली है कि आईएस-खास ने फैसलाबाद में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनायी है।’ पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे ‘पूरी सतर्कता बरतें।’ इस बीच, गुरुवार को ब्लूचिस्तान प्रांत में आतंकवादियों ने एक सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया था, जिसमें एक पाकिस्तानी सैनिक की मौत हो गयी।





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