चीन के अंतरिक्ष यान ने अंतरिक्ष में छोड़ी रहस्यमयी चीज, अमेरिका की स्पेस फोर्स का हैरतअंगेज दावा, आखिर क्या है ये?


चीन के अंतरिक्षयान ने स्पेस में छोड़ी रहस्यमयी वस्तु- India TV Hindi News

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चीन के अंतरिक्षयान ने स्पेस में छोड़ी रहस्यमयी वस्तु

Chinese Spacecraft: धरती पर अपनी हरकतों से विवादों में रहने वाला चीन अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी उथल पुथल मचा रहा है। अमेरिका की स्पेस फोर्स ने इसी मामले में एक बड़ा खुलासा किया है, जिसके बाद से हड़कंप मच गया है। अमेरिकी स्पेस फोर्स का कहना है कि चीन के अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी की कक्षा में एक और चीज भेजी है। इस अंतरिक्षयान का सोमवार को पता चला था, लेकिन इसके बारे में साफतौर पर जानकारी नहीं मिल पाई। ऑर्बिटल फोकस वेबसाइट के अनुसार, दूसरी चीज अपने पेरेंट से 200 मीटर से कम दूरी की यात्रा कर रही है। बहुत कम आधिकारिक जानकारी के साथ, अमेरिकी विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि अज्ञात वस्तु चीन के प्राकृतिक विज्ञान फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित एक परियोजना से जुड़ी है।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह एक दोबारा इंस्तेमाल होने वाले अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली के विकास से संबंधित हो सकता है। सिस्टम के सबऑर्बिटल कंपोनेंट ने सितंबर में दूसरी उड़ान भरी थी। अंतरिक्ष पर नजर रखने वाले लोग अनुमान लगाते हैं कि यह वस्तु एक छोटा उपग्रह हो सकता है, जिसे बड़े यान, सेवा में मौजूद मॉड्यूल या परीक्षण परिणामों की निगरानी के लिए डिजाइन किया गया हो। यह भी माना जाता है कि यह पता लगाएगी कि क्या बड़े पेलोड को तैनात किया जा सकता है।

4 अगस्त को लॉन्च हुआ था अंतरिक्षयान 

दोबारा इस्तेमाल होने में सक्षम प्रायोगिक अंतरिक्ष यान को 4 अगस्त को गोबी रेगिस्तान में जिउक्वान से लॉन्च किया गया था। इसे चीन के लॉन्ग मार्च 2F रॉकेटों में से एक के जरिए लॉन्च किया गया और यह तीन महीने से पृथ्वी की कक्षा में है। ऐसा माना जाता है कि रहस्यमयी वस्तु कुछ समय पहले रिलीज की गई थी और अब अपनी कक्षा में स्थानांतरित होने के बाद ही दिखाई दे रही है। इस मिशन या इस अंतरिक्षयान से जुड़ी जानकारी को लेकर चीन ने चुप्पी साधी हुई है।


 

अंतरिक्षयान की लैंडिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अंतरिक्ष यान कब और कहां उतरेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे चीन की अकेडमी ऑफ लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया जा रहा है। पिछले साल राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय ने 366 यूएफओ का पता लगाया था। इनमें से अधिकांश को क्राफ्ट्स माना जाता है। वहीं माना जा रहा है कि ये चीनी ड्रोन हैं, जिन्हें क्राफ्ट्स कहा जा रहा है। 

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