जलवायु परिवर्तन : 2050 तक इंग्लैंड की 2 लाख संपत्तियां समुद्र में समा सकती है-स्टडी


इंग्लैंड में मौजूद करीब 2 लाख संपत्तियां समुद्र के बढ़ते स्तर की वजह से 2050 तक खाली करनी पड़ सकती हैं. यह बात ओशन एंड कोस्टल मैनेजमेंट जरनल में प्रकाशित एक अध्ययन में सामने आयी है. वैज्ञानिक लगातार इस बात को दोहरा रहे हैं कि दशकों से समुद्र के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और अब सरकार भी कह रही है कि सभी संपत्तियों को तो नहीं बचाया जा सकता है. रिपोर्ट बताती है कि समुद्र स्तर में वृद्धि की वजह से इंग्लैंड का करीब एक तिहाई समुद्री तट दबाव में आएगा.

बीबीसी की खबर के अनुसार रिपोर्ट के लेखक और बाढ़ और तटीय जोखिमों के विशेषज्ञ पॉल सेयर्स का कहना है कि तट के चारों ओर एक रेखा बांधना तो लगभग असंभव है, ऐसे में हमें इसे सुरक्षित करने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे. हमें यह तय करना होगा कि यह स्थान बचाए जा सकते हैं और यह स्थान नहीं बचाए जा सकते हैं. इस विषय पर ईमानदारी के साथ चर्चा करते हुए ऐसे लोग जो इससे प्रभावित हो सकते हैं उनकी ज़रूरी मदद करना चाहिए.

कैसे होगा बचाव
रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण पश्चिम, उत्तर पश्चिम और पूर्व एंग्लिया इंग्लैंड के उन हिस्सों में हैं जहां बाढ़ की वजह से सबसे ज्यादा संपत्तियों को खतरा है. समुद्र स्तर के बढ़ने से तटीय इलाकों में ना केवल बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है बल्कि ज्यादा बड़ी और ताकतवर लहरों की वजह से तटों पर भूमि कटाव भी बढ़ेगा. इस अध्ययन के जरिए पहली बार उन जगहों को चिह्नित किया गया है जहां सुरक्षा की लागत बहुत ज्यादा है या तकनीकी तौर पर संभव ही नहीं है. यह पाया गया है कि 2050 तक समुद्र स्तर में बढ़ोतरी की वजह से करीब 160000 संपत्तियां खतरे में होंगी और उन्हें स्थानांन्तरित करने की ज़रूरत पड़ेगी.

30 हजार संपत्तियां चिन्हित

इनमें से 30000 से 35000 ऐसी संपत्तियां हैं जिन्हें पहले ही खतरे में होने के तौर पर चिह्नित किया जा चुका है. हम इसे कितनी अच्छी तरह से बचा सकते हैं इसकी कोई वास्तविक इंजीनियरिंग सीमा नहीं है. मसलन लंदन के थेम्स बैरियर और इसके किनारों की सभी दीवारों को समुद्र स्तर को देखते हुए लगातार बढ़ाया जा रहा है.

गांव का तट उखड़ रहा है

हेप्पीसबर्ग एक छोटा सा सुंदर और पुराना एंग्लो-सेक्सन गांव है, जहां एक बहुत ही अलग सा लाल औऱ सफेद धारियों वाला लाइटहाउस मौजूद है. इस जगह का तट तेजी से उखड़ रहा है. ब्रायोनो नीरोप-रीडिंग के बंगले के नीचे की ज़मीन 2013 में समुद्र में मिल गई थी. अब उनकी गली में एक सुरक्षा बैरियर लगा हुआ है, जिस पर लिखा हुआ है कि आगे सड़क समाप्त है. यहां रहने वाली 77 साल की बुजुर्ग पिछले 6 महीनों से सड़कों के कम होने का दस्तावेजीकरण कर रही हैं.

समुद्र बोरिस जॉनसन से ज्यादा ताकतवर है समुद्र
बीबीसी में प्रकाशित खबर के मुताबिक ब्रायोनो बताती हैं कि जब उनका बंगला नष्ट हुआ तो उन्होंने 50 मीटर ऊपर जाने का फैसला किया. अब वह क्षेत्र भी समुद्र के करीब आ गया है. उनका कहना है कि ज्यादा से ज्यादा 2030 तक यह जगह रहेगी. इससे निपटने के लिए और सरकार के समक्ष आवाज उठाने के लिए एक संगठन भी बनाया गया है, जिसका नाम है हैप्पीसबर्ग कोस्टल एक्शन ग्रुप. इस ग्रुप के संस्थापकों में से एक मैल्कम किर्बी कहते हैं कि समुद्र बोरिस जॉनसन से ज्यादा ताकतवर है.

81 साल के मैल्कम पिछले 20 सालों से हेप्पीसबर्ग में हो रहे भूमि कटाव की समस्या का समाधान खोजने में लगे हुए हैं. 2009 में उन्होंने सरकार समर्थित पाथफाइंडर परियोजना तैयार करने में भी मदद की थी. जिसके तहत जिन लोगों के घर समुद्र में ढह गए थे उन्हें सरकार की ओर से बाजार मूल्य देने की पेशकश की गई थी. इसके साथ ही उनके अंतर्देशीय पुनर्वास की प्रक्रिया में मदद की गई थी.

पाथफाइंडर बना उदाहरण
हेप्पीसबर्ग की पाथफाइंडर परियोजना को अब बाकी यूके में अपनाने के तौर पर देखा जा रहा है. पूर्व यॉर्कशायर, उत्तर यॉर्कशायर को 36 मिलियन पाउंड के कोस्टल ट्रांजिशन एक्सिलरेटर प्रोग्राम के तहत चुना गया है. इस कार्यक्रम के तहत समुदायों के बीच ग्रीन बफऱ जोन की स्थापना होगी और उच्च जोखिम वाली ज़मीन से समुदायों के स्थानांतरण के प्रबंधन को सुगम बनाया जाएगा. हेप्पीसबर्ग के एक नागरिक कहते हैं कि पिछले 40-50 सालों में पूरी मानव जाति ने मिलकर जलवायु परिवर्तन में महती भूमिका निभाई है फिर उसकी कीमत सिर्फ तट के किनारे रहने वाले लोग ही क्यों चुकाएं.

Tags: Britain, Sea



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