जापान ने कहा विवादित द्वीप के नजदीक चीन और रूस के वारशिप देखे गए


टोक्यो: जापान ने विवादित पूर्वी चीन सागर में अपने जलक्षेत्र के बिल्कुल निकट सोमवार को चीन और रूस के वॉरशिप दिखाई देने के बाद कड़ा विरोध किया है.

जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेनकाकू द्वीप के पास जापानी जलक्षेत्र के बिल्कुल निकट ‘विवादित क्षेत्र’ में सोमवार सुबह कई मिनट तक चीन के वॉरशिप को देखा गया. सेनकाकू द्वीप पर चीन भी अपना दावा जताता है और इसे दियाओयू कहता है.

मंत्रालय ने कहा कि पहले सागर में रूसी युद्धपोत देखा गया, जिसके 40 मिनट बाद चीनी वारशिप की मौजूदगी की पुष्टि हुई.

हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इलाके में चीनी-रूसी सैन्य गतिविधि का क्या उद्देश्य था. जापान के रक्षा अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है कि तूफान से बचने के लिए शिप वहां आए हों.

उप मुख्य कैबिनेट सचिव सेजी किहारा ने कहा कि जापान ने घटना को लेकर चीन के समक्ष ‘कड़ी आपत्ति’ दर्ज कराई है.

किहारा ने कहा, ‘सेनकाकू द्वीप ऐतिहासिक रूप से और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जापान के क्षेत्र का एक अंतर्निहित हिस्सा है। सरकार जापानी भूमि, जलक्षेत्र और वायु क्षेत्र की रक्षा के लिए इस मामले से शांतिपूर्वक लेकिन दृढ़ तरीके से निपटेगी.’

उन्होंने कहा कि जलक्षेत्र का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है.

वहीं, बीजिंग में चीन ने वारशिप के प्रवेश को जायज ठहराते हुए जापान के विरोध की आलोचना की.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि यह द्वीप चीन का क्षेत्र है.

उन्होंने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘सागर में चीनी पोतों की गतिविधियां कानूनी और जायज हैं। जापान को ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देने का कोई अधिकार नहीं है.’

Tags: China, Japan



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here