पाकिस्तान पर टूटा बाढ़ का कहर, सैकड़ों की मौत, सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा


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A displaced family ride on an auto-rickshaw while traveling to a safe area after fleeing their flood-hit homes in Pakistan.

Pakistan Flood: पाकिस्तान के कई इलाकों पर बाढ़ का कहर बुरी तरह टूटा है जिसके चलते सैकड़ों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में बारिश के कारण आई बाढ़ में अब तक 343 बच्चों समेत 937 लोगों की मौत हुई है और कम से कम 3 करोड़ लोग बेघर हो गए हैं। हालात इतने भयावह हैं कि पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। वहीं, सरकारी आंकड़ों से इतर लोगों का कहना है कि बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या कहीं ज्यादा है।

पाकिस्तानी सरकार को बुरा-भला कह रहे लोग

बाढ़ से उपजे हालात और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की नाकामी पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। सोशल मीडिया पर लोग पाकिस्तानी सरकार को खूब बुरा-भला कह रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी कि NDMA के मुताबिक, सिंध में 14 जून से गुरुवार तक बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 306 लोगों की जान जा चुकी है, बलूचिस्तान में 234 लोगों की मौत हुई है, जबकि खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब में क्रमशः 185 और 165 लोगों की जान गई है। इसके अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 37 और गिलगित-बाल्टिस्तान में 9 लोगों की मौत हुई है।

‘ये बेशर्म लोग पाकिस्तान के लिए अभिशाप हैं’
एसएम उमर नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘पाकिस्तान में उच्च मुद्रास्फीति है, आर्थिक संकट चरम पर है, बाढ़ के कारण लोग बेघर हो रहे हैं, भोजन और स्वास्थ्य का संकट पैदा हो गया है, वहीं दूसरी ओर इंपोर्टेड सरकार के अध्यक्ष करदाताओं के पैसे से घूमने का मजा ले रहे हैं। ये बेशर्म लोग पाकिस्तान के लिए अभिशाप हैं।’ बता दें कि पाकिस्तान के स्वात और बलूचिस्तान इलाकों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाके पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं।

लोगों के पास खाने के लिए राशन तक नहीं
कुछ जगहों पर तो हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि वहां से आने वाली तस्वीरें ही रोंगटे खड़ी कर दे रही हैं। पाकिस्तान के एक बड़े हिस्से में इस बाढ़ ने तबाही मचाई है लेकिन सरकारी इंतजाम बहुत कम जगहों पर नजर आ रहा है। लोगों के पास खाने के लिए राशन की भारी कमी हो गई है, और बीमार पड़े लोगों का इलाज नहीं हो पा रहा है। आवाम नाइंतजामी के लिए सरकार को कोस रही है, और मदद की गुहार लगा रही है। कई इलाकों में तो गांव के गांव पानी में डूब गए हैं, और नुकसान का अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल साबित हो रहा है।

अभी और तबाही ला सकता है मानसून
पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि देश अभूतपूर्व मॉनसून का सामना कर रहा है और आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में एक और दौर आने की आशंका है। देखा जाए तो अभी पाकिस्तान की जो हालत है, आगे भी ज्यादा बारिश हुई तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे। पाकिस्तान में कई लोगों का मानना है कि मौजूदा संकट 2010 की विनाशकारी बाढ़ से भी बड़ा है। भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में देश के विभिन्न क्षेत्रों में पुल और संपर्क के बुनियादी ढांचे बह गए।

पाकिस्तान सरकार ने लगाई मदद की गुहार
पाकिस्तान की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि हालात वाकई में काफी खराब हो चुके हैं। विभिन्न राज्यों में बेघर हुए लोगों को आश्रय देने के लिए सिर्फ सिंध प्रांत में ही कम से कम 10 लाख तंबुओं की जरूरत है, जबकि बलूचिस्तान की सरकार ने भी एक लाख तंबुओं की जरूरत बताई है। यही वजह है कि पाकिस्तान की सरकार ने सभी तंबू बनाने वालों से सम्पर्क किया है और अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं से भी मदद मांगी है।

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