पुतिन ने पास किए 100 से ज्यादा नए कानून, कई का यूक्रेन जंग से कनेक्शन, बच्चों और युवाओं के लिए बनाया हिटलर जैसा ‘पुतिन यूथ’


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Highlights

  • व्लादिमीर पुतिन ने 100 से ज्यादा नए कानून पास किए हैं
  • “विदेशी एजेंट” मानने के लिए सबूत की आवश्यकता नहीं
  • आलोचकों और राजनीतिक असंतुष्टों के खिलाफ बड़ा कदम

Putin Passed Laws: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 100 से ज्यादा नए कानून पास किए हैं, जिनमें से कई को यूक्रेन में जारी जंग से जोड़कर देखा जा रहा है। इस तरह के एक कानून का मतलब ये है कि रूसी अधिकारियों को अब किसी को “विदेशी एजेंट” मानने के लिए विदेशी फंडिंग के सबूत की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले विदेशी एजेंट्स से जुड़े कानूनों का इस्तेमाल पुतिन ने अपने आलोचकों और राजनीतिक असंतुष्टों के खिलाफ किया है। खासतौर पर तब, जब इन्हें विदेश से पैसा मिलता था।

इसका एक उदाहरण तब देखा गया, एलजीबीटी समर्थक रूसी कलाकार त्वेतकोवा ने रूसी सोशल मीडिया नेटवर्क पर एडल्ट तस्वीरें पोस्ट की थीं। बाद में यूलिया को एक विदेशी एजेंट माना गया, जब अभियोजकों ने पाया कि उन्होंने हंगरी-अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस से संबंधित समूहों से अपने काम के लिए पैसा लिया है। इसका नतीजा ये हुआ कि उन्हें साढ़े तीन साल जेल की सजा दी गई। इसके पीछे की वजह ये बताई गई कि उन्होंने पुतिन के एडल्टरी से जुड़े कानूनों का उल्लंघन किया है। 

विदेशी एजेंट्स से जुड़े कानूनों में बदलाव

विदेशी एजेंट्स से जुड़े कानूनों में बदलाव का मतलब ये है कि अधिकारियों को अब फंडिंग को लेकर किसी सबूत की जरूरत नहीं पड़ेगी और ऐसे में पुतिन के आलोचकों को बिना सबूत ही जेल में कैद किया जा सकेगा। खासतौर पर उन लोगों को जो रूस के यूक्रेन पर हुए हमले का विरोध कर रहे हैं। एक अन्य बदलाव ये है कि युद्ध अपराधों में इजाफा होगा। अगर किसी ने यूक्रेनी पक्ष का समर्थन किया, तो उसके ऐसा करने को राजद्रोह माना जाएगा।

20 साल तक की जेल का प्रावधान

इसके साथ ही अगर रूस का कोई नागरिक या फिर निवासी रूसी हितों के खिलाफ विदेश में किसी सशस्त्र संघर्ष का हिस्सा बनता है, तो उसे 20 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा विदेशी खुफिया एजेंसियों से रिश्ते रखने या फिर किसी तरह उनका सहयोग करने पर आठ साल की जेल में सकती है। ज्यादा से ज्यादा लोग रूस के तथाकथित ‘विशेष सैन्य अभियान’ का समर्थन करें, इसके लिए पुतिन ने उन लोगों के लिए वेटेरन स्टेटस देने की घोषणा की है, जो किसी भी तरह इस युद्ध में रूस की तरफ से जुड़े हुए हैं।

वेटेरन स्टेटस देने का किया ऐलान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वेटेरन स्टेटस वाली योजना में मैंटेनेंस वर्कर्स, डॉक्टर और सेना का समर्थन करने वाले अन्य विशेषज्ञ और संघर्ष को कवर करने वाले पत्रकार शामिल हैं। पुतिन ने सोवियत संघ के युवा पायनियर्स संगठन से प्रेरणा लेते हुए एक राष्ट्रव्यापी चिल्ड्रन्स एंड यूथ मूवमेंट बनाई है, जिससे युवाओं को सोवियत से जुड़े आदर्शो से प्रेरित किया जाएगा। इसी तरह के संगठन चीन में भी हैं। लेकिन आपको ये बात जानकर हैरानी होगी इतिहास में ये सब पहले भी हो चुका है। नाजी जर्मनी में हिटलर यूथ काफी फेमस रहा था।

सबकुछ कंट्रोल में करना है मकसद

पुतिन द्वारा उठाए गए इन नए कदमों को एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है और इससे साफ पता चलता है कि वह कैसे सबकुछ अपने नियंत्रण में करना चाहते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह पुतिन ने अपनी खुद की मर्जी से किया है। हालांकि सोवियत संघ के समय भी इसी तरह के संगठन में 9 से 15 साल के लगभग सभी बच्चे शामिल होते थे।





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