फिनलैंड और स्वीडन को पुतिन की चेतावनी कहा- सीमा पर विदेशी सेना न हो तैनात


वॉशिंगटन. अमेरिकी सहयोगी नाटो ने फिनलैंड और स्वीडन को सैन्य संगठन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. जिसके बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने फिनलैंड और स्वीडन को सीमा पर विदेशी सैनिकों की तैनाती ना करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो रूस इसका करारा जवाब देगा.
हालांकि, पुतिन ने कहा अगर स्वीडन और फिनलैंड नाटो में शामिल होते है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. पुतिन ने मध्य एशियाई पूर्व सोवियत राज्य तुर्कमेनिस्तान में क्षेत्रीय नेताओं के साथ बातचीत के बाद रूसी मीडिया से कहा कि अगर हमारी सीमाओं पर विदेशी सेना और हथियारों की तैनाती हुई तो हम इसका करारा जवाब देंगे.
उन्होंने कहा कि अगर विदेशी सेना की तैनाती हमारे लिए खतरे का कारण बन सकती है. इसलिए हमें इसके लिए तैयार रहना होगा. पुतिन ने कहा कि पड़ोसी देशों को समझना चाहिए कि पहले इससे हमे कोई खतरा नहीं था, लेकिन अब हम उन क्षेत्रों के लिए खतरे पैदा करेंगे जहा से हमे खतरा हो.

तुर्किये का विरोध: रूस यूक्रेन युद्ध के बीच नाटो की सफलता दिखती हुई नजर आ रही है क्योंकि रूस के दो पड़ोसी देश स्वीडन और फिनलैंड नाटो में शामिल होने की तैयारी में है.

आपको बता दे कि इससे पहले तुर्किये इसका विरोध कर रहा था, लेकिन अब तुर्किये, फिनलैंड और स्वीडन ने एक दूसरे की रक्षा करने पर सहमति जताई है. इस वजह से शायद नॉर्थ यूरोप में रूस की टेंशन बढ़ सकती है.

नाटो का बयान:
नाटो नेताओं द्वारा बुधवार को जारी बयान में कहा गया कि नाटो में स्वीडन और फिनलैंड के मिल जाने से उन्हे सुरक्षित, यूरो अटलांटिक क्षेत्र को सुरक्षित और नाटो को मजबूत बनाएगा. उन्होंने कहा कि इस गठबंधन से फिनलैंड और स्वीडन की भी सुरक्षा का डायरेक्ट महत्व है.

Tags: NATO, Russia, Russia ukraine war, Vladimir Putin



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