म्यांमार में पॉलिटिकल प्रिजनर्स की मौत को लेकर दुनिया भर में हुई निंदा, सेना ने दी थी फांसी


Worldwide condemnation of execution of political prisoners in Myanmar- India TV Hindi News
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Worldwide condemnation of execution of political prisoners in Myanmar

Highlights

  • न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देश कर चुके हैं निंदा
  • मलेशिया के विदेश मंत्री ने म्यांमार की सेना को Junta Ruler बताया
  • आसियान ने की ऐसी कार्रवाई से बचने की अपील

Myanmar News: म्यांमार में 4 पॉलिटिकल प्रिजनर्स को फांसी देने का विरोध मंगलवार को और तेज़ हो गया और दुनिया भर की सरकारों ने इसकी कड़ी निंदा की। म्यांमार में सेना की अगुवाई वाली सरकार ने सोमवार को पॉलिटिकल प्रिजनर्स को फांसी देने की जानकारी दी थी। म्यांमार में दशकों के बाद पहली आधिकारिक तौर पर फांसी दी गई है। सेना ने 2021 में चुनी हुई नेता आंग सान सू ची की सरकार का फरवरी 2021 में तख्तापलट कर दिया था और तब से उस पर हजारों लोगों की हत्याएं करने का आरोप लगा है। 

UN ने की प्रेस कांफ्रेंस

कुआलालंपुर में म्यांमार पर संयुक्त राष्ट्र(United Nation) के विशेष दूत नोइलीन हेजर के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस में मलेशिया के विदेश मंत्री सैफुद्दीन अब्दुल्ला ने कहा, “हम मानते हैं कि यह इंसानियत के खिलाफ अपराध है।” उन्होंने कहा कि दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के विदेश मंत्रियों की आगामी बैठक में म्यांमार में पॉलिटिकल प्रिजनर्स को फांसी देने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक कंबोडिया में अगले एक हफ्ते में होनी है। म्यांमार भी प्रभावशाली आसियान ग्रुप का हिस्सा है। ग्रुप पिछले साल म्यांमार को लेकर 5 सूत्रीय योजना पर सहमत हुआ था और इसे लागू करने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत सभी संबंधित पक्षों के बीच बातचीत, मानवीय सहायता का प्रावधान, हिंसा को तुरंत रोकना और विशेष दूत का सभी पक्षों से मिलना शामिल है। 

म्यांमार सरकार ने की थी घोषणा

अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसा लगता है कि म्यांमार के Junta Ruler पांच सूत्रीय स्कीम का मजाक उड़ा रहे हैं। बैंकॉक में लोकतंत्र समर्थक हजारों प्रदर्शनकारियों ने म्यांमार के दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने भारी बारिश के बावजूद नारेबाजी की और झंडे लहराए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि तानाशाह अपनी ताकत का मनमाने तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। म्यांमार सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि उसने ‘नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी’ (एनएलडी) के पूर्व सांसद, लोकतंत्र समर्थक एक कार्यकर्ता और दो अन्य लोगों को पिछले साल सत्ता पर सेना के कब्जे के बाद हुई हिंसा के मामले में फांसी दे दी है। इनमें 41 वर्षीय फ्यो जेया थॉ शामिल हैं, जो सू ची की पार्टी के पूर्व सांसद हैं।

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने की निंदा

न्यूजीलैंड की विदेश मंत्री नानैया महुता ने कहा, “म्यांमार के सैन्य शासन ने बर्बर कृत किया है। न्यूजीलैंड कठोर शब्दों में इसकी निंदा करता है।” वहीं, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेन्नी वॉन्ग ने कहा, “वह राजनीतिक कैदियों को फांसी दिए जाने से हैरान हैं। ऑस्ट्रेलिया सभी परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति के लिए मौत की सजा का विरोध करता है।”

कई देश कर चुके हैं निंदा

इससे पहले, यूरोपीय संघ, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, नॉर्वे और दक्षिण कोरिया भी एक संयुक्त बयान में म्यांमार में पॉलिटिकल प्रिजनर्स को फांसी देने की निंदा कर चुके हैं। आसियान ने भी इसकी निंदा करते हुए कहा कि यह सैन्य नेतृत्व और विरोधियों के बीच बातचीत कराने की उसकी कोशिशों के लिए झटका है। संगठन ने कहा, “हम सभी संबंधित पक्षों से तत्काल ऐसी कार्रवाई से बचने का आह्वान करते हैं, जो संकट को और बढ़ाए, सभी पक्षों के बीच शांति वार्ता में बाधा डाले और न सिर्फ म्यांमार की, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डाले।”

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