यहूदियों के खिलाफ ‘हेट स्पीच’ के बाद इमाम का ‘देश निकाला’, फ्रांस की कोर्ट ने लगाई मुहर


हाइलाइट्स

‘नफरत, भेदभाव और हिंसा को उकसाने’ के आरोपों में इमाम को किया जाएगा देश से बाहर
यहूदियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का लगा है गंभीर आरोप
58 वर्षीय इक्विअससन का जन्म फ्रांस में हुआ था लेकिन उनके पास है मोरक्को की राष्ट्रीयता

पेरिस. फ्रांस की सर्वोच्च प्रशासनिक अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि फ्रांस में जन्मे मोरक्को के इमाम को ‘हेट स्पीच’ के आरोपों में देश से निर्वासित किया जाएगा. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार उच्च अदालत ने पेरिस की ही एक अदालत के फैसले को पलट दिया जहां सरकार के निर्वासन के आदेश को रद्द कर दिया गया था.

अपनी सुनवाई में उच्च अदालत ने सरकार के ‘नफरत, भेदभाव और हिंसा को उकसाने’ के आरोपों को सही बताते हुए इमाम को मोरक्को भेजने के लिए कानूनी रास्ते खोल दिए हैं. गृह मंत्री गेराल्ड डारमैनिन ने ट्विटर पर इसे ‘गणतंत्र के लिए एक बड़ी जीत’ बताते हुए कहा कि सरकार इमाम को फ्रांस से डिपोर्ट करेगी. प्रशासनिक न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय Conseil d’Etat ने सुनवाई के दौरान पाया कि मोरक्को में उसका निर्वासन एक सामान्य निजी और पारिवारिक जीवन जीने के उसके अधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं होगा. 58 वर्षीय इक्विअससन का जन्म फ्रांस में हुआ था लेकिन उनके पास मोरक्को की राष्ट्रीयता है.

आपको बता दें कि फ्रांस के गृह मंत्रालय ने जुलाई महीने में यहूदी समुदाय के खिलाफ हिंसा को उकसाने के आरोपों में इमाम हसन इक्विअससन के खिलाफ निष्कासन आदेश का आदेश दिया था. राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार ने मुस्लिम समुदायों के भीतर कट्टरपंथ से निपटने के लिए कानूनों को सख्त किया है. इसी कानून के परिणाम में इमाम को देश से डिपोर्ट करने का फैसला लिया गया है.

76 मस्जिदों पर कार्रवाई का दिया था आदेश
फ्रांस की सरकार इस समय देश में बढ़ रहे इस्लामिक कट्टरपंथ को रोकने के लिए गंभीर कदम उठा रही है. इसी कड़ी में गृह मंत्री देश की 76 मस्जिदों पर कार्रवाई का आदेश भी दे चुके हैं जिन पर सरकार को अलगाववाद और उग्रवाद को बढ़ावा देने का संदेह है.

Tags: France





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