यूक्रेन और रूस की जंग के बीच नाटो सैनिकों का अभ्यास शुरू, पोलैंड ने लोगों से की ये अपील


वारसा: पोलैंड के सशस्त्र बलों ने रविवार को कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के सैनिकों की भागीदारी वाला सैन्य अभ्यास शुरू हो गया है. यह नियमित अभ्यास का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य पूर्वी यूरोप में सुरक्षा को बेहतर बनाना है लेकिन इस साल  समय इसका आयोजन हो रहा है.

इन परस्थितियों के चलते पोलैंड की सेना ने आने वाले हफ्तों में देश से होकर गुजरने वाले सैन्य वाहनों के काफिलों की तस्वीरें या सूचना प्रसारित नहीं करने की लोगों से रविवार को अपील की. बयान में कहा गया है कि यह चेतावनी दी जाती है कि कोई भी लापरवाह गतिविधि गठबंधन की सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकती है. इसमें कहा गया है, ‘‘खतरों से सावधान रहें.”

पोलैंड की सेना ने एक बयान में कहा कि 20 से अधिक देशों से 18,000 सैनिक ‘डिफेंडर यूरोप 2022’ और ’स्विफ्ट रिस्पॉन्स 2022’ अभ्यासों में भाग ले रहे हैं, जो पोलैंड और आठ अन्य देशों में आयोजित हो रहे हैं. अभ्यास एक से 27 मई तक चलेगा.

यूक्रेन दौरे पर अमेरिकी कांग्रेस का दल, बाइडेन प्रशासन ने कहा- रूस की हार तक करेंगे कीव की मदद

वहीं अमेरिकी कांग्रेस का एक दल भी यूक्रेन के दौरे पर है. इस दल की अगुवाई कर रही अमेरिकी सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने यूक्रेन वासियों के साहस की प्रशंसा की है और रूस को हराने के लिए यूक्रेन को हरसंभव अमेरिकी समर्थन जारी रखने को लेकर प्रतिबद्धता जताई.

न्यूयॉर्क के डेमाक्रेट सांसद ग्रेगरी मीक्स ने कहा, ‘‘यही समय है जब हम लोकतंत्र के लिए खड़े होते हैं या हम तानाशाही को मंजूरी देते हैं.’’

बता दें कि रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला कर दिया था. इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष जारी है. भारत समेत कई एशियाई देशों ने बातचीत और कूटनीतिक पहल के साथ इस तनाव को खत्म करने की अपील की है. वहीं अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देशों ने रूस की निंदा करते हुए मॉस्को पर कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं.

Tags: NATO, Russia ukraine war, US President Joe Biden, Vladimir Putin



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here