यूक्रेन युद्ध: कैसे पता चलेगा कि रासायनिक हथियार का उपयोग किया गया है?


मेलबर्न. रूस ने यूक्रेन पर अपने आक्रमण (Russia Ukraine War)  में रासायनिक हथियारों (chemical weapons) का इस्तेमाल किया हो सकता है, रूस के घेरे वाले शहर मारियुपोल से पिछले हफ्ते मिली अपुष्ट खबरों में यह संकेत दिया गया है. आधिकारिक जांच की घोषणा के साथ रिपोर्ट को गंभीरता से लिया गया है और रासायनिक हथियार निषेध संगठन स्थिति की निगरानी कर रहा है. आज तक, हालांकि, इन दावों का समर्थन करने वाले कोई ठोस सबूत नहीं है. लेकिन वे कौन से रासायनिक हथियार हैं जिनका यूक्रेन में उपयोग किया जा सकता है, और उनके कथित उपयोग की जांच कैसे की जाएगी? एक रासायनिक इंजीनियर के रूप में जो पर्यावरण में खतरनाक रसायनों का अध्ययन करता है, मैं इन सवालों के जवाब देने में मदद कर सकता हूं.

रासायनिक हथियार क्या हैं? इसका जवाब देते हुए मेलबर्न विश्वविद्यालय के गेब्रियल डा सिल्वा ने बताया कि किसी भी हानिकारक रासायनिक पदार्थ को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें विशेष रूप से युद्ध में उपयोग के लिए डिज़ाइन किए गए घातक यौगिक शामिल होते हैं, लेकिन यह उद्योगों में उपयोग किए जाने वाले कई यौगिकों तक भी फैला हुआ है जो अनुचित तरीके से रखे जाने पर हानिकारक होते हैं. उनकी घातक मारक क्षमता के कारण, युद्ध में किसी भी रासायनिक पदार्थ के उपयोग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है. हालांकि, दोहरे उपयोग वाले रसायनों (जैसे क्लोरीन) और आंसू गैस जैसे दंगा नियंत्रण एजेंटों के उत्पादन और वितरण को नियंत्रित करना, सरीन और अन्य तंत्रिका एजेंटों जैसे समर्पित रासायनिक हथियारों को विनियमित करने से कहीं अधिक कठिन है. यह सिद्ध करना भी मुश्किल हो सकता है कि दोहरे उपयोग वाले रसायन को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का इरादा था.

एक अपुष्ट रिपोर्ट

यूक्रेन पर आक्रमण के दौरान रूस द्वारा रासायनिक हथियारों का उपयोग करने की पहली रिपोर्ट रूस के घेरे वाले शहर मारियुपोल से 11 अप्रैल को,सामने आई. यूक्रेनी नेशनल गार्ड की एक दूर-दराज़ इकाई, अज़ोव बटालियन के सदस्यों ने दावा किया कि रूसी ड्रोन द्वारा गिराए गए उपकरण से निकलने वाले सफेद धुएं से उसके कई लड़ाके बीमार हो गए थे. अज़ोवस्टल स्टीलवर्क्स में हुई इस घटना से होने वाली अस्वस्थता में कथित तौर पर त्वचा और फेफड़ों की क्षति शामिल थी और ये जीवन के लिए खतरा नहीं थे.

संभावित स्पष्टीकरण

यह ‘सफेद धुआं’ एक रासायनिक हथियार हो सकता है, जिनमें से कई आंख, नाक और मुंह जैसे शरीर के छिद्रों और त्वचा तथा म्यूकोसा (अंगों के अस्तर) पर हमला करते हैं. परंपरागत रूप से, रासायनिक हथियार भी ऐसे हथियारों में शामिल किए गए हैं जो धुएं जैसे एरोसोल या वाष्प को फैलाते हैं. स्टीलवर्क्स में कई औद्योगिक रसायन होंगे, जिन्हें अनजाने में छोड़ा जा सकता है. रिपोर्ट किए गए लक्षण कई रासायनिक पदार्थों से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आने से हो सकते हैं. चश्मदीदों की रिपोर्ट इन संभावनाओं को कम करने या घटना के किसी एक रासायनिक युद्ध एजेंट से संबद्ध होने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.

संधि के प्रति रूसी अवहेलना

अंतर्राष्ट्रीय संधि द्वारा रासायनिक हथियारों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है. यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के शुरुआती दिनों में रासायनिक हथियारों के उपयोग के बारे में हर तरफ से बयानबाजी होती रही, क्योंकि राष्ट्रों ने इन हथियारों के इस्तेमाल के लिए अपनी संभावित प्रतिक्रिया को तैयार करना शुरू कर दिया था. रूस ने यूक्रेन के पास रासायनिक और जैविक हथियार होने के बारे में झूठी कहानियों को बढ़ावा दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इन कहानियों को इस बात का एक ‘स्पष्ट संकेत’ बताया कि रूस स्वयं ऐसे हथियारों का उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त कर रहा था. रूस ने अपने घोषित रासायनिक हथियारों के भंडार को नष्ट कर दिया है. हालांकि, 2018 में सर्गेई स्क्रिपल और 2020 में एलेक्सी नवलनी के जहर में विशिष्ट रूसी-विकसित नोविचोक तंत्रिका एजेंटों के उपयोग से पता चलता है कि रूस के पास अभी भी एक सक्रिय रासायनिक हथियार कार्यक्रम हो सकता है. इन घटनाओं के साथ-साथ 2002 के मॉस्को थिएटर बंधक संकट में एक फेंटेनाइल जैसी बेहोश कर देने वाली गैस का उपयोग, रूस के रासायनिक युद्ध एजेंटों के उपयोग पर पाबंदी लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय करार की उपेक्षा को प्रदर्शित करता है.

रासायनिक हथियारों की जांच

रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के दावों की जांच करना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है. निरीक्षक किसी भी घटना के तथ्यों को स्थापित करने में मदद करने के लिए पीड़ितों और गवाहों की रिपोर्ट इकट्ठा करने की कोशिश करेंगे. मेडिकल रिकॉर्ड और जैविक नमूने रासायनिक एजेंट की प्रकृति की पहचान करने में सहायता कर सकते हैं. आदर्श रूप से, युद्ध के मैदान से आमतौर पर अल्पकालिक रसायनों के नमूने प्राप्त किए जाएंगे, लेकिन यूक्रेन में जमीन पर कोई अंतरराष्ट्रीय निरीक्षक नहीं होने के कारण यह संभावना दूर की कौड़ी लगती है. यह जरूरी है कि रासायनिक हमलों के आरोपों की गहन जांच की जाए. यदि कोई हमला होता है, तो जिम्मेदार देश को न्याय के कटघरे में लाने और रासायनिक हथियारों के निर्माण और उपयोग के खिलाफ मजबूत निवारक बनाए रखने के लिए एक मजबूत जांच की आवश्यकता होगी.

Tags: Russia ukraine war



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