यूरोपीय संघ के देशों ने लंबी बातचीत के बाद जलवायु संबंधी उपायों को मंजूरी दी


ब्रसेल्स: यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों ने नयी कारों से 2035 तक कार्बन उत्सर्जन समाप्त करने वाले सख्त जलवायु नियमों को वापस अपनाने के लिए बुधवार को लंबी बातचीत के बाद एक समझौता किया. ईयू के 27 सदस्य देशों ने 2030 में ईयू के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 1990 की तुलना में कम से कम 55 प्रतिशत कम करने के प्रावधान वाले मसौदा विधेयक पर समझौता किया. इसे ‘फिट फॉर 55’ की संज्ञा दी गयी है. पहले इसे 40 प्रतिशत कम करने पर सहमति बनी थी.

यूरोपीय आयोग के हरित समझौते के प्रभारी उपाध्यक्ष फ्रांस टिमरमैन्स ने लक्जमबर्ग में पर्यावरण मंत्रियों के सम्मेलन के बाद कहा, ‘‘जलवायु संबंधी कार्रवाई के लिए लंबा लेकिन अच्छा दिन. ‘फिट फॉर 55’ पर परिषद का निर्णय ईयू के हरित समझौते की दिशा में बड़ा कदम है.’’

ईयू की कार्यकारी शाखा द्वारा पिछले साल प्रस्तावित पांच कानूनों पर हुआ समझौता यूरोपीय संसद के साथ अंतिम बातचीत का रास्ता साफ करता है. ईयू के सांसद महत्वाकांक्षी समूह आधारित लक्ष्यों का समर्थन कर रहे हैं. इस विधायी रूपरेखा को अंतिम मंजूरी के लिए जरूरी है कि संसद विभिन्न विषयों पर समूह के सदस्य देशों की सरकारों के साथ मतभेदों को सुलझा ले.

फ्रांस की ऊर्जा हस्तांतरण मंत्री एग्निस पैनियर रूनाचेर ने कहा, ‘‘परिषद पैकेज को अंतिम रूप देने पर यूरोप की संसद के साथ बातचीत के लिए अब तैयार है. इससे जलवायु परिवर्तन से लड़ने की अगुवाई करने में यूरोपीय संघ पहले से कहीं आगे रहेगा.’’

नई कार और वैन से 2035 तक ‘सीओ2’ (कार्बन डाइ ऑक्साइड) उत्सर्जन को 100 फीसदी कम करने का फैसला ईयू के सभी 27 सदस्य राष्ट्रों में उन गाड़ियों की बिक्री पर रोक लगाएगा जो पेट्रोल या डीज़ल से चलती हैं.

ईयू 2050 तक गाड़ियों से उत्सर्जन को बेहद कम करना चाहता है, इसके लिए वह इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दे रहा है, लेकिन संगठन के बाहरी ऑडिटर की पिछले साल की रिपोर्ट बताती है कि सदस्य देशों में चार्जिंग स्टेशनों की कमी है.

यूरोपीय संघ में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 25 फीसदी हिस्सा गाड़ियों से निकलता है.

कारों पर ऐतिहासिक सहमति के अलावा, पैकेज में ईयू कार्बन बाजार में सुधार की भी बात है और सामाजिक जलवायु कोष बनाने को भी कहा गया है ताकि संवेदनशील घरों की नियोजित स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में मदद की जा सके. यह मुद्दा राजनीतिक तौर पर अधिक संवेदनशील हो गया है, क्योंकि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है.

नयी कारों के लिए 2035 तक शत प्रतिशत कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य के साथ लिया गया फैसला 27 देशों के समूह में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली नयी कारों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाएगा जो निश्चित रूप से वायु प्रदूषण दूर करने में मददगार होगा.

ईयू के अग्रणी स्वच्छ परिवहन अभियान समूह ‘ट्रांसपोर्ट एंड एनवॉयरमेंट’ ने कहा कि ईयू सरकार का समझौता ऐतिहासिक है क्योंकि यह ‘‘परिवहन पर तेल उद्योग के दबदबे को तोड़ता है’’.

Tags: Climate Change, Global warming, World news in hindi



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here