रूस को पीछे धकेलने के लिए बाढ़ का सहारा लेगा यूक्रेन! जानें क्या है जेलेंस्की का नया प्लान


हाइलाइट्स

बाढ़ की आशंका को देखते हुए रूस ने अपने सैनिकों को निकालना शुरू किया
रूस को डर है कि कीव शासन काखोवका बांध को नष्ट कर सकता है
यूक्रेन का आरोप है कि रूसी सेना पुलों को नष्ट और सड़कों को खोद रही है

कीव. रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने निप्रो नदी के पीछे से अपने सैनिकों को निकलने का का आदेश दिया है. रूस की न्यूज़ एजेंसी तास ने रक्षा मंत्री के हवाले से बताया कि कर्मियों, हथियारों और हार्डवेयर के सुरक्षित स्थानांतरण को सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश दिया गया है. रूस को डर है कि कीव शासन जल्द ही निप्रो नदी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है. साथ ही आशंका है कि वह काखोवका बांध पर एक अधिक शक्तिशाली रॉकेट हमले कर आसपास के क्षेत्र को जलमग्न किया जा सकता है.

यूक्रेन ने रूस की घोषणा पर सावधानी के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ रूसी सेनाएं अभी भी खेरसॉन में हैं और अतिरिक्त रूसी जनशक्ति इस क्षेत्र में भेजी जा रही है. राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविच ने बुधवार रात ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘वे बाहर जा रहे हैं, लेकिन उतना नहीं हो रहा है जितना कि यह एक पूर्ण पुलआउट या रीग्रुपिंग में होता है.’ एरेस्टोविच ने आगे कहा कि रूसी सेना पुलों को नष्ट करने के साथ सड़कों को खोद रही है.

धीमी गति से आगे बढ़ रहा है रूस
ओलेक्सी एरेस्टोविच ने बताया कि फिलहाल, वह उनके इरादों को नहीं जानते हैं – क्या वे खेरसॉन शहर पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे? उन्होंने आगे कहा कि वे बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं. आपको बता दें कि खेरसॉन शहर एकमात्र क्षेत्रीय राजधानी थी जिसे फरवरी में आक्रमण के बाद रूस ने कब्जा कर लिया था, और यह एक यूक्रेनी जवाबी हमले का केंद्र रहा है. इस क्षेत्र को लेकर चल रही लड़ाई का एक मुख्य कारण यह है कि रूस द्वारा अपने देश में मिलाये गए चार प्रांतो में से एक खेरसॉन भी है.

Tags: Russia ukraine war, World news



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