रूस ने किया 10 न्यूक्लियर बम छोड़ने वाली मिसाइल का टेस्ट, जानें क्या है खासियत?


मॉस्को. रूस और यूक्रेन के बीच बीते 56 दिनों से जंग चल रही है. रूस ने बुधवार को सरमट (RS-28 Sarmat Test) नाम की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल टेस्टिंग की है. ये मिसाइल अपने साथ न्यूक्लियर वेपन्स भी ले जा सकती हैं. इस मिसाइल पर 10 या इससे अधिक वारहेड्स लगाए जा सकते हैं. यानी एक बार में 10 न्यूक्लियर बम छोड़े जा सकते हैं.

खुद रूस के राष्ट्रपति राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin Missile Test) ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि रूस ने सरमट अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. ऐसे में रूस के दुश्मनों को हमला करने से पहले अब दो बार सोचना होगा. कुछ दिनों पहले ही अमेरिका और यूक्रेन ने आशंका जताई है कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए पुतिन परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

आइए जानते हैं रूस के सरमट मिसाइल की क्या है खासियतें…

पुतिन ने कहा- मिसाइल पृथ्वी पर किसी भी टारगेट को तबाह कर सकती है. सरमट से रूसी आर्म्ड फोर्सेज को मजबूती मिलेगी, ये रूस को बाहरी खतरों से बचाएगा और हमारे देश को धमकी देने वाले लोगों को सोचने पर मजबूर कर देगी.

भारी भरकम RS-28 सरमट मिसाइल को पावर देने के लिए आरडी-274 लिक्विड रॉकेट इंजन लगाया गया है. इस मिसाइल की ऑपरेशन रेंज 18000 किलोमीटर है. बता दें कि ICBM मिसाइलों की मिनिमम रेंज 5,500 किमी होती है.

सरमट रूस की नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइलों में से एक है. इन मिसाइलों में किंजल और एवनगार्ड हाइपरसोनिक मिसाइल भी शामिल हैं. रूसी डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, सरमट अन्य हथियारों के साथ हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल को ले जाने में सक्षम है.

इस मिसाइल में हाईएस्ट टैक्टिकल और तकनीकी विशेषताएं हैं. ये सभी एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की काबिलियत रखती है.

यह 200 टन से अधिक वजनी हथियार और कई न्यूक्लियर वॉरहेड्स ले जाने में सक्षम है. रूसी डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, मिसाइल का परीक्षण उत्तरी रूस के प्लासेत्स्क कोस्मोड्रोम में हुआ.

यह पृथ्वी के किसी भी ध्रुव तक अटैक कर सकती है. इसलिए सरमट मिसाइल जमीन और सैटेलाइट बेस्ड रडार और ट्रैकिंग सिस्टम के लिए एक बड़ी चुनौती है.

इस मिसाइल का मास 208.1 मीट्रिक टन है, जबकि लंबाई 35.5 मीटर और गोलाई 3 मीटर है. एक RS-28 सरमत मिसाइल के अंदर 10 से 15 वॉरहेड लगे होते हैं, जो दूसरे फेज में हाई स्पीड से अलग-अलग जगहों पर निशाना साध सकते हैं.

इस मिसाइल को रूसी कंपनी मेकयेव रॉकेट डिज़ाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है. यह मिसाइल 2009 से अंडर ट्रायल है, इसे 2022 में ही रूसी सेना में कमीशन करने का प्लान है.

यह मिसाइल मैक 20.7 (लगभग 25560 किलोमीटर /घंटा) की स्पीड से उड़ान भर सकती है. इस मिसाइल को एस-400 के जैसे साइलो से लॉन्च किया जा सकता है.

RS-28 सरमट को रूस का सबसे खतरनाक रणनीतिक हथियार माना जाता है. इस मिसाइल का अनावरण 1 मार्च 2018 को खुद राष्ट्रपति पुतिन ने किया था.

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