रूस ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े बिजली संयंत्र पर किया कब्ज़ा, यूक्रेन की बढ़ी चिंता


  • यूक्रेन को घुटनों पर लाने के लिए रूस ने शुरू किये स्ट्रैटेजिक हमले
  • यूक्रेन पर रूस दे चुका है परमाणु हमले ही धमकी

कीव. यूक्रेन-रूस युद्ध के छह महीने बीतने के बाद रुसी सेना ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े पावर प्लांट वुहलेहिर्स्क पर अपना कब्ज़ा जमा लिया है. यूट्यूब पर एक वीडियो साझा कर जेलेंस्की के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविच ने बताया कि रूस ने एक छोटा सामरिक लाभ हासिल कर लिया है.

ओलेक्सी एरेस्टोविच ने वीडियो में कहा कि रूस अब आक्रामक युद्ध लड़ने के बजाये स्ट्रेटेजिक डिफेंस की मुद्रा में आ गया है. रूस महत्वपूर्ण पूर्वी डोनेट्स्क औद्योगिक क्षेत्र में यूक्रेन की आक्रामक क्षमता को कमजोर करने के प्रयास में स्ट्रेटेजिक हमले कर रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि रूस के ऐसा करने से हम ऐसी स्थिति में पहुंच जायेंगे जहां से हम अपने क्षेत्रों को रुसी सेना से मुक्त नहीं करा पाएंगे और हमें बातचीत के लिए तैयार होना पड़ेगा.

आपको बता दें कि यूक्रेन आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने दक्षिणी शहर खेरसॉन पर फिर से कब्जा करना चाहता है जो पिछले दिनों रूस के कब्जे में चला गया था.

रूस यूक्रेन के तीन दक्षिणी क्षेत्रों में सेना को कर रहा है मजबूत
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के एक वरिष्ठ सलाहकार एरेस्टोविच के अनुसार रूस अब अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रहा है. एरेस्टोविच ने बताया कि रूसी सेना यूक्रेन के तीन दक्षिणी क्षेत्रों में सैनिकों की बड़े पैमाने पर तैनाती कर रही है.

उन्होंने आगे कहा कि रूस भी दक्षिण में मेलिटोपोल और ज़ापोरिज्जिया क्षेत्रों में सेना भेज रहा है.

यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव ओलेक्सी डैनिलोव ने भी पहले ट्वीट कर कहा था कि रूस खेरसॉन की दिशा में अधिकतम सैनिकों की तैनाती कर रहा है. हालांकि उन्होंने सैनिकों की संख्या का कोई विवरण नहीं दिया.

रूस को रोकने के लिए उड़ा दिया था पुल
यूक्रेनी सेना ने रूस को रोकने के लिए खेरसॉन स्थित निप्रो नदी पर बने एक महत्वपूर्ण पुल को उड़ा दिया था. हालांकि रुसी सेना का कहना है कि वे पोंटून पुलों और नावों की मदद से नदी को पार कर लेंगे.

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