श्रीलंका के हालात हुए बदतर, सिर्फ दो वक्त के खाने के लिए हजारों बेरोजगार कर रहे विरोध प्रदर्शन


नई दिल्ली. श्रीलंका में आर्थिक संकट बद से बदतर हो रहा है. लाखों डॉलर की विदेशी मदद के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा. मंहगाई आसमान छू रही है लिहाजा लोग दो वक्त की रोटी के लिए विरोध प्रदर्शन करने में जुट गए हैं. जो लोग गरीब हैं या बेरोजगार हो चुके हैं, वे अब सड़कों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं. ये लोग सरकार से दो समय के भोजन की मांग कर रहे हैं. दिहाड़ी मजदूर और हालिया आर्थिक संकट के कारण अपनी नौकरी गंवा चुके हजारों बेरोजगार इस प्रदर्शन का हिस्सा बन रहे हैं. आज इन लोगों को कोलंबो स्थित एक ट्रस्ट ने कोलंबो के गाले फेस में भोजन दिया. ये लोग लंबी कतारों में खड़े होकर भोजन पाने का इंतजार कर रहे थे.

राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग
एएनआई को एक सामाजिक कार्यकर्ता अंकुशला फर्नांडो ने बताया, हम 9 अप्रैल से लोगों को भोजन बांट रहे हैं. देश को संभालने और जनता का ख्याल रखने में असफल रहने के कारण हम राष्ट्रपति से इस्तीफा चाहते हैं. उन्होंने कहा कि उनके ट्रस्ट को दुनिया भर से दान मिलता है, तब जाकर इन लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है. अंकुशला कहती हैं, अब तक हमने 1000 से ज्यादा लोगों को भोजन कराया है. कई लोग यहां भोजन करने आते हैं, खासकर जो लोग बेरोजगार हो चुके हैं. अंकुशला कहती हैं, ये लोग विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हैं. इन्हें अपनी नौकरी जाने का डर नहीं है बल्कि ये भावी पीढ़ियों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. गौरतलब है कि श्रीलंका में आर्थिक आपातकाल अभूतपूर्व स्थिति में पहुंच चुका है. देश में खाने पीने के सामानों की भारी किल्लत है.

लोगों को कुर्बानी देने के लिए तैयार रहने का आह्वान
श्रीलंका में सिर्फ भोजन ही नहीं बल्कि बिजली, तेल, कागज आदि तक की किल्लत है. विदेशी मुद्रा भंडार न के बराबर है और कोविड के कारण पर्यटन चौपट हो चुका है. देश के पास तेल और गैस खरीदने के लिए पैसे तक नहीं है. जनता को मूलभूत चीजें भी नहीं मिल रही है. श्रीलंका के नए बने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने लोगों से आह्वान किया है कि उन्हें बलिदान के लिए तैयार हो जाना चाहिए. श्रीलंका भारी कर्ज में डूबा हुआ है. उसे इस साल तक किश्त के रूप में 8 अरब डॉलर चुकाना है लेकिन विदेशी खजाने में एक अरब डॉलर भी नहीं है. इस साल के जुलाई तक उसे एक अरब डॉलर का बॉन्ड भरना है. श्रीलंका कुल करीब 60 अरब डॉलर के कर्ज में डूबा है. इनमें विदेशी कर्ज करीब 40 अरब डॉलर है. वर्तमान में एक डॉलर का मूल्य 310 श्रीलंकन रुपये से ज्यादा है.

Tags: People protest, Sri lanka



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