सेना से 36 का आंकड़ा, लोगों के बीच लोकप्रियता… इमरान खान हैं नए बेनजीर भुट्टो


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बेनजीर भुट्टो और इमरान खान

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की नाकाम कोशिश से रावलपिंडी में कई समीकरण बदलने की संभावना है, पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय जहां वर्तमान में शीर्ष जनरलों को आलोचनाओं और आरोपों की बाढ़ से निपटना होगा। दरअसल, घायल इमरान खान ISI-निदेशालय सी के प्रमुख मेजर जनरल फैसल नदीम पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा चुके हैं। नदीम को कुछ दिनों पहले, खान द्वारा ‘डर्टी हैरी’ के रूप में उपनाम दिया गया था।

वहीं, आपको बता दें कि सत्ता संघर्ष में बेनजीर भुट्टो और इमरान खान की कहानी एक जैसी ही लगती है। इमरान के निष्कासन ने उन्हें अधिक से अधिक सार्वजनिक समर्थन के लिए प्रेरित किया और तब, बेनजीर भुट्टो के पाकिस्तान लौटने के बाद उनके सख्त सेना-विरोधी रुख को लोगों के बीच सहानुभूति मिली थी। दरअसल, हत्या की नाकाम कोशिश के साथ ही बेनजीर भुट्टो की तरह इमरान खान की भी लोगों के बीच लोकप्रियता बढ़ी है।

इमरान खान की गाथा पूर्व प्रधान मंत्री बेनजीर भुट्टो की कहानी के समानांतर है, जिनकी दिसंबर 2007 में हत्या कर दी गई थी। वह इमरान खान की तरह भाग्यशाली नहीं थी, बेनजीर सेना को चुनौती देने के लिए सत्ता संभालने की राह पर थी तब उन्हें मार दिया गया था। उन्होंने भी कई ISI अधिकारियों और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इमरान खान की तरह, उन्होंने भी कुछ आईएसआई अधिकारियों और अन्य लोगों का नाम लिया था, जिनमें मुशर्रफ के करीबी विश्वासपात्र, ब्रिगेडियर एजाज शाह शामिल थे, जिनकी आतंकवादी समूहों के साथ संलिप्तता सर्वविदित थी। बाद में पता चला कि बेनजीर को तत्कालीन आईएसआई प्रमुख नदीम ताज ने उस रैली में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी थी जिसमें वह मारी गई थीं।

वहीं इमरान खान के मामले में हाल ही में, आईएसआई प्रमुख नदीम अंजुम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था, जिसमें इमरान खान पर कई चीजों का आरोप लगाया था, जिसमें जनरल बाजवा को ‘आजीवन विस्तार’ के साथ लुभाना भी शामिल था। आईएसआई प्रमुख के बयान को लेकर व्यापक रूप से हड़कंप मच गया लेकिन इमरान खान ने इसे ‘झूठ’ बताकर खारिज कर दिया और इस्लामाबाद तक अपने लंबे मार्च के साथ आगे बढ़ गए। अपने अनौपचारिक निष्कासन के बाद से, इमरान खान ने सेना के नेतृत्व को ‘जानवर’, ‘तटस्थ’ और ‘देशद्रोही’ कहने के आरोपों पर भी वह खुलकर कुछ नहीं बोले।

दरअसल, हत्या की नाकाम कोशिश के साथ ही बेनजीर भुट्टो की तरह इमरान खान की भी लोगों के बीच लोकप्रियता बढ़ी है।

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