सोमालिया में अकाल पड़ने की संभावना, UN ने जताई चिंता, साल 2011 से भी भयावह होंगे हालात


हाइलाइट्स

सोमालिया में साल 2011 में भी अकाल की घोषणा की गई थी.
213,000 से अधिक लोगों की जान को बहुत अधिक खतरा है.
अकाल के दौरान भोजन की अत्यधिक कमी हो जाती है और मृत्यु की दर बढ़ जाती है.

मोगादिशु. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि सोमालिया में “अकाल दरवाजे पर खड़ा है” और इस बात के “ठोस संकेत” हैं कि इस साल के अंत तक यह देश में दस्तक दे देगा. देश में सूखे के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है और यूक्रेन युद्ध के प्रभाव के चलते हालात और मुश्किल हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ ने पत्रकारों से कहा कि सोमालिया यात्रा के दौरान उन्होंने भूख के कारण बच्चों को रोते हुए देखा, जिसके बाद वह बीते कुछ दिन से बहुत दुखी हैं. सोमालिया में जलवायु परिवर्तन के कारण पैदा हुए सूखे के चलते बीते एक दशक में कम से कम 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं. इथोपिया और केन्या भी इससे व्यापक रूप से प्रभावित हुए हैं.

अकाल के दौरान भोजन की अत्यधिक कमी हो जाती है और भुखमरी के कारण होने वाली मृत्यु की दर बढ़ जाती है. सोमालिया में साल 2011 में भी अकाल की घोषणा की गई थी. माना जाता है कि उस दौरान ढाई लाख लोगों की मौत हुई थी. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार एजेंसी ने पिछले सप्ताह कहा था, “यह 2011 जैसा नहीं बल्कि उससे भी भयावह अकाल होगा.” एजेंसी ने कहा कि सोमालिया में अब तक पोषण केंद्रों में कम से कम 730 बच्चों की मौत हो चुकी है और 213,000 से अधिक लोगों की जान को बहुत अधिक खतरा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गृहयुद्ध से घिरे सोमालिया में सरकार के खिलाफ चरमपंथी गुट हमेशा हमले को तैयार रहते हैं. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक सोमालिया में छिड़े गृहयुद्ध में अब तक 5 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही इसके चलते 1 करोड़ से अधिक लोग बेघर व विस्थापित हुए हैं. सोमालिया की आबादी 1.71 करोड़ है. इनमें से 2 लाख लोग देश की राजधानी मोगादिशु में रहते हैं. गरीबी, भ्रष्टाचार और भुखमरी के बीच छिड़े गृहयुद्ध ने सोमालिया की आर्थिक हालत को और खराब कर दिया है. सोमालिया के लोगों को मदद पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र लगातार अपने कार्यक्रम चलाता रहता है.

Tags: Somalia, Starvation, UN



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