2002 गुजरात दंगा मामला, एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ को मिली अंतरिम जमानत, जानिए क्या है पूरा मामला

2002 गुजरात दंगा मामला, एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ को मिली अंतरिम जमानत, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को 2002 के गुजरात दंगों के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी थी। तीस्ता सीतलवाड़ पर गवाहों के झूठे बयानों का मसौदा तैयार करने और उन्हें दंगों की जांच के लिए गठित नानावती आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का आरोप है।

तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनसे जांच में पूरा सहयोग करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ को अपना पासपोर्ट तब तक सरेंडर करने को कहा, जब तक कि हाई कोर्ट नियमित जमानत के मामले पर विचार नहीं कर लेता।

मामला क्या है?

तीस्ता सीतलवाड़ ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सत्र अदालत और हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें अंतरिम जमानत नहीं दी गई थी।

तीस्ता सीतलवाड़ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी 24 जून को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ समाप्त हुई कार्यवाही के अलावा और कुछ नहीं थी।

कपिल सिब्बल ने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ दो महीने से अधिक समय से हिरासत में हैं और उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित मूल आवेदन के लंबित रहने के दौरान अंतरिम जमानत की हकदार हैं।

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