America: अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा कि हो जाए सावधान अल-कायदा कभी भी हमला कर सकता है


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Highlights

  • अमेरिका ने उस पर मिसाइल हमला किया था
  • 48 घंटे बाद ही जवाहिरी को मौत के घाट उतारा गया
  • साल 2001 में अल जवाहिरी ने EIJ को अलकायदा में विलय कर दिया

Americaअमेरिका ने अपने सबसे बड़े दुश्मनों में से एक अल-कायदा के सरगना अयमान अल-जवाहिरी को अफगानिस्तान में ड्रोन हमला कर मार गिराय गया है। अमेरिका ने इस हमले के लिए खाड़ी देश से काबुल तक अपना अत्याधुनिक ड्रोन भेजा था, जिसने निंजा मिसाइल दागकर जवाहिरी का हमेशा के लिए खत्म कर दिया। इस पूरे खेल में जिसके नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वो शख्स और कोई नहीं बल्कि पाकिस्तान सेना का प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा है। बाजवा और अमेरिकी सेना के जनरल के बीच फोन पर हुई बातचीत के ठीक 48 घंटे बाद ही जवाहिरी को मौत के घाट उतारा गया है। जवाहिरी की मौत के बाद पूरी दुनिया रह रहे हैं अमरिकियों के अमरिका सरकार ने कहा कि आप जहां पर भी है अपने आपको सुऱक्षित रखे। सरकार ने नागरिकों से अपील किया है कि इस घटना के बाद अलकायदा के समर्थकों में आग लगी है इसलिए वो कभी भी हमला कर सकते हैं।

ये अल-जवाहिरी कौन था?

दुनियाभर में दहशत का दूसरा नाम बन चुके अल जवाहिरी (Al Zawahiri) का जन्म 19 जून 1951 को मिस्र के एक संपन्न परिवार में हुआ था। वह अरबी और फ्रेंच भाषा बोलता था और पेशे से एक सर्जन था। जब वह 14 साल का था, तभी मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य बन गया था। अल जवाहिरी (Al Zawahiri) ने साल 1978 में काहिरा विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र की छात्रा अजा नोवारी से निकाह किया था। हैरानी की बात ये है कि कॉन्टिनेंटल होटल में हुई इस शादी में ना ही कोई फोटोग्राफर था और ना ही संगीतकार। यहां हंसना भी मना था और पुरुषों को महिलाओं से अलग रखा गया था। मिस्र से सऊदी आने के बाद जवाहिरी एक मेडिसिन विभाग में प्रैक्टिस करता था। यहीं उसकी मुलाकात अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन (Osama Bin Laden) से हुई थी। साल 1985 के दौर में लादेन और जवाहिरी के बीच रिश्ते मजबूत हुए थे। ये वो समय था, जब लादेन और जवाहिरी पाकिस्तान के पेशावर में थे। साल 2001 में अल जवाहिरी ने EIJ को अलकायदा में विलय कर दिया था।

अमेरिका ने पहले भी कई बार जवाहिरी (Al Zawahiri) को मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। साल 2001 में जब जवाहिरी के अफगानिस्तान के तोरा बोरा में छिपे होने की सूचना मिली थी, तब भी अमेरिका ने उसे मारने की कोशिश की थी लेकिन हमले से पहले भी वह बच निकला था। हालांकि, इस हमले में उसकी बीवी और बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद साल 2006 में जवाहिरी के पाकिस्तान के दामदोला में छिपे होने की सूचना मिली थी। तब भी अमेरिका ने उस पर मिसाइल हमला किया था। लेकिन हमले से पहले ही जवाहिरी भाग निकला था।

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