BRICS Summit: 23 जून को चीन के बीजिंग में होगी ब्रिक्स समिट, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पूरी दुनिया की निगाह पुतिन पर


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BRICS Summit

Highlights

  • 23 जून 2022 को चीन की राजधानी बीजिंग में होगी ब्रिक्स समिट
  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे
  • रूस पर टिकी पूरी दुनिया की निगाहें, युद्ध संकट पर चर्चा कम होने की संभावना

BRICS Summit: 23 जून 2022 को चीन की राजधानी बीजिंग में 14वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसकी घोषणा चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को की। इस सम्मेलन में ब्रिक्स देश- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका भाग लेंगे। यह बैठक वर्चुअल होगी लेकिन सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। इस बार ब्रिक्स समिट की मेजबानी की जिम्मेदारी चीन को मिली है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस सम्मेलन का विषय ‘‘उच्च गुणवत्ता वाली ब्रिक्स साझेदारी को बढ़ावा देना और वैश्विक विकास के लिए एक नए युग की शुरुआत’’ है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील एवं दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। 

रूस पर होगी सबकी नजर

इस बैठक में दुनिया की तीन महाशक्ति रूस, चीन और भारत भाग लेंगे। बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार इतने बड़े बैठक में पुतिन भाग लेंगे। ऐसे में पूरी दुनिया की निगाह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन पर होगी। रूस की ओर से पुतिन का हर एक बयान पर दुनिया की नजरें टिकी होंगी।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होगी या नहीं

इस बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा कम होने की संभावना है क्योंकि चीन और भारत ने इस युद्ध पर कुछ भी खुलकर नहीं बोला था। वहीं चीन की पूरी कोशिश होगी कि वह अपनी नई वैश्विक सुरक्षा नीति के लिए समर्थन प्राप्त करे।

क्या है ब्रिक्स

ब्रिक्स दुनिया के उभरते राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं का एक संघ है। इसमें 5 देश ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इन्हीं देशों के अंग्रेज़ी में नाम के पहले अक्षर B, R, I, C और S से मिलकर इस समूह का नामकरण हुआ है। इसकी स्थापना 2009 में की गई थी। पहले इस समूह में 4 देश ही भाग लेते थे और इसे “ब्रिक” के नाम से जाना जाता था। लेकिन 2010 में नए देश दक्षिण अफ्रीका को शामिल किया गया। रूस को छोडकर ब्रिक्स के सभी सदस्य विकासशील और नव औद्योगीकृत देश हैं जिनकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। ये राष्ट्र क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं।


 





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