Death Sentence: सिंगापुर में भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिक को मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में दी गई फांसी


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Highlights

  • भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिक को सिंगापुर में मिली फांसी की सजा
  • मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में 2013 में हुआ था गिरफ्तार
  • सिंगापुर में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर बहुत ही सख्त कानून हैं

Death Sentence: भारतीय मूल के मलेशियाई व्यक्ति कलवंत सिंह को मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में शीर्ष अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद गुरुवार को फांसी की सजा दे दी गई। सिंह (31) को 60.15 ग्राम डायामॉर्फिन रखने और 120.9 ग्राम मादक पदार्थ की तस्करी करने के आरोप में 2013 में गिरफ्तार किया गया था। उसे 2016 में अदालत ने दोषी करार दिया था। सिंगापुर के अधिकारियों ने सिंह को मृत्युदंड देने का नोटिस 30 जून को जारी किया था और सात जुलाई को सजा की तामील होनी थी, जिसे रुकवाने के लिए बुधवार को कुआलालंपुर में सिंगापुर उच्चायोग के सामने प्रदर्शन करने के लिए मानवाधिकार सक्रियतावादी एकत्र हुए थे। 

एक और शख्स को फांसी की सजा

मलेशियाई अखबार ‘द स्टार’ में गुरुवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, मानवाधिकार कार्यकर्ता कर्स्टन हान ने सिंह को दी गई मौत की सजा की पुष्टि की। सिंगापुर के चांगी जेल में सिंह के अलावा नोराशारी गौस को भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में फांसी की सजा दी गई। हान ने ट्वीट किया, “मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है कि कलवंत सिंह और नोराशारी बिन गौस को फांसी दे दी गई। दोनों के परिजनों को उनके सामान और मृत्यु प्रमाण पत्र सौंप दिए गए हैं। मैं नोराशारी के जनाजे में जा रहा हूं।” सिंह ने फांसी की सजा से एक दिन पहले सजा माफ करने की अपील की थी और कहा था कि उसने केवल मादक पदार्थ पहुंचाए थे और पुलिस के साथ सहयोग किया था। परंतु, अदालत ने उसकी दलीलें खारिज कर दी। 

मादक पदार्थ तस्करी को लेकर सिंगापुर में कड़े कानून

सिंगापुर में मादक पदार्थों के विरुद्ध बेहद कड़े कानून हैं और मार्च में एक मादक पदार्थ तस्कर को फांसी दी गई थी। अप्रैल में 34 वर्षीय एक व्यक्ति नागेन्द्रन धर्मलिंगम को मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में फांसी दी गई थी जो मानसिक रूप से अस्वस्थ भारतीय मूल का मलेशियाई नागरिक था। सिंगापुर में 15 ग्राम से अधिक मादक पदार्थ रखने पर फांसी की सजा का प्रावधान है। दो साल से ज्यादा समय बाद, इन कानूनों के उल्लंघन के लिए फांसी देना फिर से शुरू किया गया है जिसे लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है। देश में वर्तमान में लगभग 60 आरोपी ऐसे हैं जिन्हें मृत्युदंड दिया जाना है। मानवाधिकार से जुड़े मुद्दे पर काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन ह्यूमन राइट्स वाच (एचआरडब्ल्यू) ने सिंह और गौस को फांसी देने की आलोचना की है और सिंगापुर से आग्रह किया है कि मादक पदार्थ संबंधी मामलों में मृत्युदंड के प्रावधान को समाप्त किया जाए।

मादक पदार्थ तस्करी पर मिलने वाली सख्त सजा के खिलाफ मानवाधिकार संस्था

एचआरडब्ल्यू के एशिया उप निदेशक फिल रॉबर्ट्सन ने ट्ववीट किया, “देश में हाल में मादक पदार्थ जब्त किए जाने से यह प्रदर्शित होता है कि मृत्युदंड देने के प्रतिरोधक प्रभाव पड़ने के दावे कितने खोखले हैं। सिंगापुर को मादक पदार्थ से संबंधित सभी मामलों में मृत्युदंड की सजा को समाप्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और जिन्हें फांसी दी जानी है उनकी सजा खत्म कर देनी चाहिए।” मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल के अधिकारी एमरलीन गिल ने कहा, “सिंगापुर ने मादक पदार्थ के मामलों में पकड़े गए लोगों को फिर से फांसी देना शुरू कर दिया है जो कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। यह लोगों की भावनाओं का अपमान है।





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