Economic emergency in Nepal: भारत से कारोबार में 26 फीसदी की गिरावट, 3 माह में 2 हजार करोड़ का नुकसान


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Economic emergency in Nepal:

Economic emergency in Nepal: नेपाल में आर्थिक आपातकाल लागू होने का प्रभाव भारत के केंद्रीय व्यापार पर पड़ा है। नेपाल की ओर से प्रमुख सामग्रियों के आयात पर प्रतिबंध के बाद भारत से कारोबार में करीब 26 फीसदी की गिरावट आई है। जिसकी वजह से तीन महीने में ही लगभग दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। हालांकि, स्थानीय मार्केट में व्यापार में बढ़ोतरी हुई है।

इस संबंध में चैंबर ऑफ कॉर्मस के महासचिव आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि, नेपाल की आर्थिक परेशानी का असर भारत के स्थानीय मार्केट पर नहीं पड़ा है। लेकिन, राजस्थान, दिल्ली, केरल, मध्य प्रदेश, कानपुर, मुंबई सहित देश के अन्य हिस्से से आने वाली सामग्री पर पूरी तरह से रोक लग गई है। आयात पर प्रतिबंध से भारत के विभिन्न हिस्से में बनने वाला सामान नेपाल नहीं जा रहा है। ट्रेड वैल्यू में भी 25 से 30 फीसदी की गिरावट आयी है।

रक्साैल आईसीपी के प्रबंधक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह की मानें ताे जनवरी माह से ही नेपाल सरकार की ओर से प्रमुख सामग्रियाें के आयात पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिबंध लगाए जाने लगे। इसका असर यह हुआ कि दिसंबर माह की तुलना में ट्रेड वैल्यू 1 हजार 84 कराेड़ रुपए तक सिमट गया है। इस दाैरान नेपाल से भी प्रतिमाह भारत ने 1652 ट्रकाें से 345 कराेड़ रुपए का सामान आयात किया।

मार्च 2022 में भारत-नेपाल के बीच रक्साैल आईसीपी से 1429 कराेड़ रुपए का काराेबार हुआ। वहीं जाेगबनी आईसीपी से मार्च 2022 में 586 कराेड़ का निर्यात तथा 200 कराेड़ का सामान आयात हुआ। कुल मिलाकर जाेगबनी आईसीपी से मार्च माह में 786 कराेड़ रुपए की ट्रेडिंग हुई।

नेपाल काे 6520 अरब अमेरिकन डॉलर का सामान भेजता है भारत

नेपाल भारत से लगभग 6520 अरब अमेरिकन डॉलर का सामान आयात करता है। आयातित सामानों का लगभग 65% है जबकि यह चीन से मात्र 12.5% के करीब है। नेपाल में भारत से आयातित सामानों में मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पाद, जेम्स व ज्वेलरी, ड्रग फार्मूलेशन और मशीनरी का सामान है जिसका हिस्सा करीब 2900 अरब डॉलर का है। अन्य मुख्य सामानों में मसाला,चाय, काॅफी, टोबैको, कृषि उपज, लोहा व स्टील है।





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