EU रूस से ऑयल इम्पोर्ट में 2/3 की कटौती करने पर हुआ राजी, नीदरलैंड को लगा झटका


ब्रुसेल्स. रूस और यूक्रेन के बीच 96 दिनों से जंग जारी है. इस बीच यूरोपीयन यूनियन ( EU) रूस से ऑयल इम्पोर्ट में दो तिहाई की कटौती करने पर राजी हो गया है. यूरोपीयन काउंसिल के प्रेसिडेंट चार्ल्स मिशेल ने बताया कि EU ने रूसी ऑयल इम्पोर्ट के दो तिहाई हिस्से पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक समझौता किया है. इस फैसले से रूस की आर्थिक स्थित कमजोर होगी.

यूरोपीयन काउंसिल के प्रेसिडेंट चार्ल्स मिशेल ने बताया, “इस प्रतिबंध में अन्य कठोर उपाय शामिल हैं: सबसे बड़े रूसी बैंक Sberbank को डी-स्विफ्ट करना, 3 और रूसी राज्य के स्वामित्व वाले प्रसारकों पर प्रतिबंध लगाना और यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर व्यक्तिगत रूप से प्रतिबंध लगाना.”

यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को लेकर प्रतिबंध लगाने की प्रतिक्रिया पर चर्चा करने के लिए यूरोपीय संघ के नेता मंगलवार को ब्रसेल्स में फिर से बैठक करेंगे.

यूरोप रूसी ऊर्जा का सबसे बड़ा खरीदार है. यूरोस्टैट के अनुसार, 2021 में ब्लॉक के आयात में रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी 27% थी. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के आंकड़ों से पता चलता है कि यह प्रति दिन लगभग 2.4 मिलियन बैरल है. IEA के अनुसार, इसका लगभग 35% पाइपलाइनों के माध्यम से ब्लॉक तक पहुंचाया गया था.

यूरोपीयन अधिकारियों ने पहले रूस के तेल पर प्रतिबंध लगाने में अमेरिका और अन्य देशों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि, हंगरी जैसे कुछ देशों ने इस समझौता को मंजूरी नहीं दी, जो विशेष रूप से पाइपलाइन के माध्यम से वितरित रूसी कच्चे तेल पर निर्भर हैं.

आंतरिक मतभेद खत्म करें EU-जेलेंस्की
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को यूरोपीयन यूनियन से आंतरिक मतभेद खत्म करने की अपील है. उन्होंने कहा कि EU को रूस के खिलाफ और प्रतिबंध लगाने चाहिए. बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में EU की एक समिट के दौरान जेलेंस्की ने यह अपील की.

जेलेंस्की ने कहा- ‘यह आपके लिए अलग नहीं होने का नहीं, बल्कि एक होने का समय है.’ जेलेस्की ने रूसी तेल पर प्रतिबंध की भी मांग की. बता दें कि EU के आपसी मतभेद की वजह से रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की रफ्तार कम हुई है.

रूस ने रोकी नीदरलैंड की गैस सप्लाई
वहीं, रूस ने नीदरलैंड की गैस सप्लाई रोकने का फैसला किया है. नीदरलैंड की सरकार समर्थित कपंनी गैसटेरा ने रूस की गैजप्रोम को रुबल में भुगतान करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मंगलवार से गैस की सप्लाई रोक दी जाएगी. नीदरलैंड की एनर्जी 44% गैस पर आधारित है. हालांकि, यह देश रूस से जरूरत का 15% गैस ही इम्पोर्ट करता है. (ANI इनपुट के साथ)

Tags: Iran oil Imports, Russia, Russia ukraine war, Vladimir Putin



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