Germany help Ukraine in war with Russia:अमेरिका के बाद यूक्रेन की मदद के लिए खुलकर आया जर्मनी, भड़का रूस


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Russia-Ukraine War

Highlights

  • जर्मनी ने लंबे समय तक रूस-यूक्रेन युद्ध चलने का दावा किया
  • रूस के खिलाफ युद्ध में जर्मनी करता रहेगा यूक्रेन की मदद
  • छह माह से दोनों देशों के बीच चल रहा युद्ध

Germany help Ukraine in war with Russia: यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे प्रलयकारी युद्ध के करीब छह महीने गुजर गए हैं। महाशक्तिशाली रूस से अभी भी यूक्रेन पूरी ताकत से जंग लड़ रहा है। इसकी वजह है कि अमेरिका समेत तमाम यूरोपीय देश उसकी मदद कर रहे हैं। अब इसी बीच  जर्मनी ने भी रूस के खिलाफ युद्ध लड़ रहे यूक्रेन की खुलकर मदद करने का ऐलान किया है। जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बारबॉक ने यूक्रेन को आश्वस्त किया है कि जरूरत पड़ने पर आने वाले वर्षो में भी वह रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का समर्थन करेगा।

 बारबॉक ने जर्मन समाचार पत्र बिल्ड एम सोनटैग को डीपीए समाचार एजेंसी के हवाले से बताया, “दुर्भाग्य से, हमें यह मानना होगा कि अगले गर्मियों के सीजन में यूक्रेन को अभी भी अपने दोस्तों से नए भारी हथियारों की जरूरत होगी। बैरबॉक ने कहा, “यूक्रेन भी हमारी स्वतंत्रता, हमारी शांति की रक्षा कर रहा है और जब तक उन्हें जरूरत है, तब तक हम उन्हें आर्थिक और सैन्य रूप से समर्थन करते रहेंगे। जर्मनी के इस बयान से रूस भड़क गया है। रूस लगातार यू्क्रेन के प्रमुख ठिकानों और शहरों को ध्वस्त करता जा रहा है। हालांकि इस युद्ध में दोनों देशों को भारी नुकसान पहुंचा है। मगर इन्फ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से देखा जाए तो रूस ने यूक्रेन में इतनी अधिक तबाही मचाई है, जिसकी भरपाई करने में दशकों गुजर जाएंगे। 

रूस और यूक्रेन के बीच वर्षों तक चल सकता है युद्ध 


जर्मनी ने यूक्रेन को सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि यह युद्ध वर्षों तक चल सकता है, लेकिन यह भी जोड़ा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यह सोचकर भ्रमित थे कि यूक्रेन कुछ हफ्तों के भीतर गिर जाएगा। मगर यूक्रेन ने ऐसा नहीं होने दिया। छोटा देश होने के बावजूद यूक्रेन पूरी ताकत से रूस जैसी महाशक्ति से लड़ रहा है। यूक्रेन ने कभी अपना हौसला नहीं हारा। उसकी बहादुरी की तारीफ इसीलिए सभी जगह हो रही है। 

बैरबॉक ने क्रीमिया प्रायद्वीप पर यूक्रेन के दावे का भी बचाव किया, जिसे 2014 में रूस द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। क्रीमिया भी यूक्रेन से संबंधित है। दुनिया ने 2014 के विलय को कभी मान्यता नहीं दी है, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून के खिलाफ था। युद्ध शुरू होने के छह महीने बाद युद्ध की थकान को सेट करने की अनुमति देने के खिलाफ जर्मनों को चेतावनी देते हुए बारबॉक ने स्वीकार किया कि लोग अब अपनी जेब में पुतिन के ऊर्जा युद्ध के परिणामों को महसूस कर रहे थे।

यूरोप का सामाजिक विभाजन पुतिन के युद्ध का हिस्सा है। हमें इसे रोकना चाहिए।

अमेरिका भी यूक्रेन की कर रहा मदद

इस युद्ध में अमेरिका भी रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन की पूरी मदद कर रहा है। यूक्रेन को अत्याधुनिक हथियार, ड्रोन और फाइटर जेट के साथ गोला-बारूद भी मुहैया करा रहा है। नाटो देश भी यूक्रेन को युद्ध संबंधी सभी हथियार मुहैया कराकर उसकी मदद कर रहे हैं। ताकि यूक्रेन का हौसला बरकरार रहे। हालांकि शुरुआत में यूक्रेन खुद को काफी असहाय महसूस कर रहा था। यूक्रेन ने यह तक कहा था कि यह युद्ध लड़ने का समय है बातों और वादों से कुछ होने वाला नहीं है। यदि अमेरिका और नाटो देश हमारी मदद करना चाहते हैं तो हमें हथियार दें। उपदेश देने का समय नहीं है। इसके बाद अमेरिका और नाटो देशों ने यूक्रेन को पूरी युद्ध सामग्री और हथियार मुहैया कराया। अभी तक मदद करते आ रहे हैं। अब जर्मनी के आश्वासन से यूक्रेन का हौसला और बुलंद होगा। 

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