Israel Election: इजराइल में फिर चुनाव होंगे: 2019 से 2022 के बीच पांचवीं बार इलेक्शन, येर लैपिड को मिलेगी कमान


Israel PM Naftali Bennett- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO
Israel PM Naftali Bennett
 

Highlights

  • ‘संसद भंग करने के लिए विशेष विधेयक लाएंगे’
  • नेतन्याहू की पार्टी बना सकती है सरकार
  • अक्टूबर के अंत में चुनाव की संभावना

Israel Election: इजराइल में 2019 से 2022 के बीच पांचवी बार इलेक्शन होने जा रहे हैं। नफ्ताली बेनेट के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गिर चुकी है और देश में एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइल में अक्टूबर के अंत में चुनाव हो सकते हैं। इजरायली पीएम नफ्ताली बेनेट के साथ एक डील के तहत विदेश मंत्री यायिर लैपिड आने वाले कुछ दिनों के लिए देश की सत्ता पर आसीन होंगे।

नेतन्याहू को सत्ता से हटाकर सरकार बनाते समय बेनेट और लैपिड के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत मौजूदा फॉरेन मिनिस्टर कार्यवाहक पीएम बने रहेंगे। इसका अर्थ है कि अगले महीने इजरायल दौरे पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आगमन पर उनका स्वागत बेनेट के बजाय लैपिड करेंगे। इजरायल का सियासी गणित बहुत रोचक है। बेनेट सरकार के पास विपक्ष से सिर्फ एक सीट ज्यादा थी। इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। बहुमत के लिए 61 सीटें चाहिए। इजराइल में भी हमारे देश की तरह मल्टी पार्टी सिस्टम है और छोटी पार्टियां भी कुछ सीटें जीत जाती हैं। इसी वजह से किसी एक पार्टी को बहुमत पाना आसान नहीं होता। 

‘संसद भंग करने के लिए विशेष विधेयक लाएंगे’

सोमवार को नफ्ताली बेनेट और यायिर लैपिड संसद भंग करने के लिए सहमत हो गए। कई हफ्तों से ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि इजरायल का सत्तारूढ़ गठबंधन टूट सकता है। एक संयुक्त वक्तव्य में बेनेट और लैपिड ने अपने दलों के बीच गठबंधन को तोड़ने की जानकारी दी। इसमें कहा गया कि दोनों संसद भंग करने के लिए एक विधेयक लेकर आएंगे और अक्टूबर में चुनाव होने की उम्मीद है।

3 साल में पांचवी बार होगा चुनाव

इजराइली संसद एक विशेष बिल पास करके नए चुनाव की राह आसान कर देगी। तमाम पार्टियां नए चुनाव कराने का समर्थन कर चुकी हैं। लिहाजा, अब इस बिल का पास होना भी तय है। 2019 से 2022 के बीच यह पांचवां चुनाव होगा। कुछ दिन पहले ये माना जा रहा था कि पूर्व पीएम बेंजामिन नेतन्याहू समर्थन जुटाकर फिर प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने भी तय कर लिया कि नए चुनाव कराना ही बेहतर होगा। वैसे, नेतन्याहू के खिलाफ करप्शन केस चल रहा है। हालांकि कोर्ट ने माना है कि नेतन्याहू के खिलाफ पेश सबूत बहुत भरोसेमंद नहीं हैं।बेनेट सरकार में फॉरेन मिनिस्टर रहे येर लैपिड कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन उनके पास एक इलेक्टेड पीएम की तरह पावर्स नहीं होंगे। 

नेतन्याहू की पार्टी बना सकती है सरकार, अक्टूबर अंत में चुनाव की संभावना

इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव इसी साल अक्टूबर के अंत में हो सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व पीएम नेतन्याहू की पार्टी फिर सरकार बना सकती है।  हालांकि, उसे अकेले स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना कम है। इसलिए हो सकता है कि वे चुनाव से पहले या बाद में गठबंधन के साथ सरकार बनाएं। इसी बीच नेतन्याहू ने हाल के समय में एक साक्षात्कार में कहा था कि ‘बेनेट सरकार इजराइल के इतिहास में सबसे घटिया और कमजोर सरकार थी। मुझे उम्मीद है कि जब भी नए इलेक्शन होंगे तो मेरी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और हम देश को तेजी के साथ आगे ले जाएंगे।’

कुल 120 सीटें हैं इजराइल की संसद में

इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। बहुमत के लिए 61 सीटें चाहिए। देश में मल्टी पार्टी सिस्टम है और छोटी पार्टियां भी कुछ सीटें जीत जाती हैं। इसी वजह से किसी एक पार्टी को बहुमत पाना आसान नहीं होता। लिहाजा, अकसर प्री या पोस्ट पोल अलायंस होते हैं। इसके बावजूद सरकारें चल नहीं पातीं, क्योंकि सियासी हालात काफी मुश्किल हैं। कई मुद्दों पर पार्टियों में मतभेद बने रहते हैं।





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here