Shinzo Abe Death : साल भर में आर्म्स से जुड़े केवल 10 केस दर्ज, पूर्व पीएम की हत्या से सकते में जापान


Shinzo Abe- India TV Hindi
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Shinzo Abe

Highlights

  • जापान के नारा शहर में चुनाव प्रचार करते समय शिंजो आबे को गोली मारी
  • हथियारों को लेकर सख्त नियंत्रण के बावजूद शिंजो आबे की हत्या से सकते में लोग

Shinzo Abe : पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे(Shinzo Abe)पर शुक्रवार को दिनदहाड़े हमले की खबर ने न केवल जापान (Japan) बल्कि पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना ऐसे देश में हुई जहां हथियारों पर सख्त नियंत्रण है और अपराध भी अपेक्षाकृत कम होते हैं। पुलिस के अनुसार 12. 5 करोड़ की आबादी वाले जापान में पिछले साल हथियारों से जुड़े केवल 10 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। उन घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हुई और चार घायल हुए। इनमें से आठ मामले गिरोहों से जुड़े थे। पिछले साल टोक्यो में हथियारों के कारण किसी की मौत या घायल होने से जुड़ा कोई मामला नहीं दर्ज किया गया। हालांकि शहर में 61 हथियार जब्त किए गए। 

चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारी गई

शुक्रवार को हुई घटना के संदिग्ध के मकसद और उसकी पहचान के बारे में अभी बहुत जानकारी नहीं है। हालांकि संदिग्ध को घटनास्थल पर हिरासत में ले लिया गया था। जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे आबे को जापान के नारा शहर में चुनाव प्रचार करते समय गोली मारी गयी। उनकी बाद में एक अस्पताल में मृत्यु हो गई। जापान में रविवार को संसदीय चुनाव होने हैं।

जापान दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में एक

 जापान के प्रमुख विश्वविद्यालयों में राइफल क्लब हैं और जापानी पुलिस हथियारों से लैस है लेकिन अधिकतर जापानी बिना असली बंदूक देखे जीवन गुजार देते हैं। जापान में छुरा घोंपने को घातक अपराध माना जाता है। और इसलिए दशकों से हथियार रखने के अधिकार पर बहस जापान में कोई मुद्दा नहीं है। दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माने जाने वाले जापान में यह हमला हैरान करने वाला है। जापान में बंदूक नियंत्रण के लिए सख्त कानून लागू हैं। 

पूर्व पीएम की हत्या से सदमे में लोग

टोक्यो के निहोन विश्वविद्यालय में कॉलेज ऑफ रिस्क मैनेजमेंट के प्रोफेसर शिरो कावामोतो ने कहा, ‘इस घटना से जापानी लोग सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि जिस चुनाव कार्यक्रम में हमला हुआ, वहां लोगों की भारी भीड़ थी जिससे सुरक्षा एक चुनौती बन गई। उन्होंने कहा कि यह घटना जागरूक करती है कि जापान में भी बंदूक हिंसा हो सकती है और जापानी नेताओं की सुरक्षा पर फिर से गौर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह मान लेना कि इस तरह का हमला कभी नहीं होगा, बहुत बड़ी गलती होगी।’

जापान में हथियारों को लेकर कठोर कानून

 जापान के कानूनों के अनुसार आग्नेयास्त्रों के साथ-साथ कुछ प्रकार के चाकू और अन्य हथियार विशेष लाइसेंस के बिना अवैध है तथा इनका आयात भी गैर कानूनी है। जापान में जो लोग आग्नेयास्त्र रखना चाहते हैं, उन्हें कठोर जांच से गुजरना होता है और उनमें किसी डॉक्टर की मंजूरी भी शामिल है। लाइसेंस जारी किए जाने के पहले परिवार के सदस्यों के बारे में भी जानकारी ली जाती है। लोगों को यह बताने के लिए परीक्षा में शामिल होना पड़ता है कि वे आग्नेयास्त्रों का सही उपयोग करना जानते हैं। 





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