Sri Lanka: विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा होंगे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, आर्थिक संकट से निकलने के लिए बनाएंगे योजना


कोलंबो: श्रीलंका के आर्थिक संकट ने सड़कों पर रोष पैदा कर दिया है. इस बीच राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आयी है. श्रीलंका के विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि गोटबाया राजपक्षे के पद छोड़ने के बाद वह राष्ट्रपति पद बैठने का इरादा रखते है. उनकी पार्टी समागी जन बालवेगया (एसजेबी) द्वारा इस कदम पर पूरा समर्थन मिल रहा है.

प्रेमदासा, 2019 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में हार गए थे, लेकिन अब वो एक बार फिर इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. इसके लिए उन्हें सत्तारूंढ़ गठबंधन के सांसदों के साथ की जरूरत होगी.

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा 

श्रीलंका एक अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिसने मार्च से हजारों लोगों को सड़कों पर ला दिया है. ये आर्थिक संकट इतना भयानक है की ये देश अब नकदी, भोजन, ईंधन और दवा जैसी बुनियादी वस्तुओं के आयात के लिए संघर्ष कर रहा है. गुस्साए लोगो ने अब जमकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा किया जिसके बाद राष्ट्रपति को भागना पड़ गया.

राष्ट्रपति राजपक्षे ने घोषणा की कि वह इस सप्ताह इस्तीफा देने की योजना बना रहे हैं, और संसद के अध्यक्ष ने कहा है कि सांसद 20 जुलाई को अगला राष्ट्रपति चुनेंग. प्रेमदासा की पार्टी और सहयोगी इस बात पर सहमत हैं कि यदि कोई रिक्ति होती है, तो उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन करना चाहिए.

देश की मुद्रास्फीति दर 55% पहुंची

जून में देश की मुद्रास्फीति दर 55% तक पहुंच गई है, और लाखों लोग जीवन यापन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. प्रेमदासा ने श्रीलंका की वर्तमान स्थिति को “भ्रमित, अनिश्चितता और पूर्ण अराजकता” के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि इसके लिए “आम सहमति, परामर्श, समझौता और एक साथ आने” की आवश्यकता है. लेकिन कोलंबो में गाले फेस साइट पर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति के लिए संसद के सभी 225 सदस्य जिम्मेदार हैं.

1948 में आजाद होने के बाद सबसे बड़ा आर्थिक संकट

श्रीलंका 1948 में आजाद होने के बाद के अपने सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है. यह दक्षिण भारत से दूर एक द्वीप राष्ट्र है,  इसने 1948 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की. तीन जातीय समूह – सिंहली, तमिल और मुस्लिम – देश की 22 मिलियन आबादी का 99% हिस्सा बनाते हैं.

राष्ट्रपति की शक्तियां

राष्ट्रपति श्रीलंका में राज्य, सरकार और सेना का प्रमुख होता है, लेकिन प्रधान मंत्री के साथ बहुत सारी कार्यकारी जिम्मेदारियाँ साझा करता है, जो संसद में सत्ताधारी दल का नेतृत्व करते हैं.

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