Ukraine War: यूक्रेन में कब्जे वाले क्षेत्रों में वोटिंग कराना चाहता है रूस, 4 नवंबर को रखी डेट


मॉस्को. रूस 24 फरवरी से यूक्रेन पर हमले कर रहा है. 6 महीने की जंग के दौरान रूस ने यूक्रेन (Russia-Ukraine War) के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है. अब रूस इन कब्जे वाले इलाकों में चुनाव कराना चाहता है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने 4 नवंबर को मतदान का प्रस्ताव रखा है.

यूक्रेन ने बूचा शहर में रूसी सेनाओं पर नरसंहार का आरोप लगाया है. उधर, रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत में कुछ शर्तों पर समझौते की उम्मीद भी जगी है. हाल ही में तुर्की में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में कुछ शर्तों के साथ समझौते की उम्मीद बनती नजर आई. हालांकि, इस बातचीत के बावजूद जंग के मैदान में रूस अभी भी कई इलाकों में हमला जारी रखे हुए है और यूक्रेन की फौज भी पूरी ताकत से जवाब दे रही है.

6 महीने की जंग के दौरान रूस ने यूक्रेन के बूचा, मारियुपोल, खार्कीव, चर्नेहाइव, सेवेरोडोनेस्क और लिसिचन्स्क समेत 15 से ज्यादा इलाकों पर कब्जा कर लिया है.

‘न तेल मिलेगा और न गैस..’, रूस को अलग-थलग करने वाले पश्चिमी देशों को पुतिन ने धमकी क्यों दी? जानें

जंग में अब तक 382 बच्चों की मौत
यूक्रेन के प्रॉसीक्यूटर जनरल ऑफिस (PGO) ने बताया कि रूस के अटैक के बाद अब तक यूक्रेन में 382 बच्चों की मौत हो चुकी है. जबकि 741 घायल हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डोनेस्टक में 388, खार्किव में 204, कीव में 116 मायकोलाइव में 71, लुहांस्क में 61, खेरसॉन में 55 और जापोरिजिया में 46 बच्चों की मौत हुई है. रूस के हमले से तबाह यूक्रेन की आधी से ज्यादा आबादी दूसरे देशों में पनाह ले चुकी है. कुछ लोग अब भी देश छोड़ने को तैयार नहीं हैं. उनका मानना है कि जैसे भी हैं, यहीं ठीक हैं. कुछ दिन में हालात सुधर जाएंगे.

रूस के सैनिकों ने की बगावत
रॉयटर्स की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीच रूस की 127वीं रेंजीमेंट के कमांडर्स पर आदेश न मानने का आरोप लगा है. पहली आर्मी कोर के इन कमांडर्स ने यूक्रेन के दक्षिणी शहर खेरसॉन में लड़ाई करने से इनकार कर दिया. अब यहां पर कमांडर्स के अंदर ही बगावत हो गई है. यूक्रेन में दक्षिणी ऑपरेशन कमांड की इंटेलीजेंस की तरफ से यह जानकारी दी गई है. जिन सैनिकों ने बगावत की है, उन्‍होंने अपने सीनियर्स से कहा कि वो अब युद्ध नहीं लड़ सकते हैं, क्‍योंकि न तो पानी है और न ही उन्‍हें राशन मिला है. सिर्फ इतना ही नहीं कई सैनिकों को उनकी सैलरी तक नहीं मिल सकी है.

अभी खत्म नहीं होगी रूस-यूक्रेन जंग! जानें आखिर पुतिन का इरादा क्या है?
दवाई तक नहीं मिल रही
113वीं राइफल रेजीमेंट जिसे दोनेस्‍तेक पीपुल्‍स रिपब्लिक भी कहते हैं, उसकी तरफ से टेलीग्राम पर एक वीडियो पोस्‍ट किया गया था. जून में आए इस वीडियो में सैनिकों ने कहा था कि वो अब और ज्‍यादा लड़ नहीं सकते हैं. उनका कहना था कि उनके पास पूरे उपकरण नहीं हैं और लगातार होती चोट और बीमारी की वजह से वो युद्ध लड़ने में असमर्थ हैं. साथ ही उनके सीनियर्स ने भी उनकी शिकायतों को गलत तरीके से अथॉरिटीज के सामने रखा है.

Tags: Russia, Russia ukraine war, Vladimir Putin



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here