मॉस्को के जंगी जहाज मोस्कवा के डूबने से भड़का रूस, कहा- शुरू हो गया वर्ल्ड वॉर 3


मॉस्को. यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस के नौसैनिक युद्धपोत मोस्कवा के डूबने के बाद तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो चुका है. रूसी राज्य टेलीविजन ने शुक्रवार को यह घोषणा की. हालांकि रूस ने कहा कि जहाज पर गोला-बारूद के विस्फोटों के कारण हुए नुकसान से मोस्कवा स्थिर नहीं रह सका और अंततः समुद्र में समा गया, जबकि यूक्रेन का कहना है कि उसने नेप्च्यून मिसाइल के माध्यम से मास्को के काला सागर बेड़े के प्रमुख जंगी जहाज को नष्ट किया है. लेकिन जहाज के डूबने की घटना ने क्रेमलिन के मुखपत्र Russia 1 को आक्रामक स्थिति में ला दिया है. टीवी प्रस्तुतकर्ता ओल्गा स्केबेयेवा ने दर्शकों को सूचित करते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा “युद्धपोत को जिस तरह से डुबोकर जंग को आगे बढ़ाया गया है, उसे तृतीय विश्व युद्ध कहा जा सकता है” और उसने जोर देकर कहा “यह पूरी तरह से तय है.”

मेट्रो के अनुसार स्केबेयेवा ने आगे कहा, “अब हम निश्चित रूप से नाटो के बुनियादी ढांचे के खिलाफ लड़ रहे हैं, अगर नाटो खुद ही नहीं. हमें इसे पहचानने की जरूरत है.” शो में एक अतिथि ने मोस्कवा जंगी जहाज के डूबने की तुलना रूसी धरती पर हमले से की, इस पर क्रेमलिन ने जोर देकर कहा कि आग के कारण युद्धपोत समंदर में डूब गया. शो के दौरान ही उस व्यक्ति (अतिथि) को याद दिलाया गया कि इसे युद्ध कहने के बजाय, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत “विशेष सैन्य अभियान” कहे. शो की यह क्लिप सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है.

नाटो के खिलाफ रूस की नीति असफल!
एक ट्विटर यूजर ने टिप्पणी की, “वे नाटों पर प्रहार कर रहे हैं.” एक अन्य उपयोगकर्ता ने ट्वीट किया. “उन्होंने 500 टैंक, 2000 अन्य वाहन, 82 विमान, 18,000 से अधिक सैनिक और एक युद्धक्रूजर खो दिया है. नाटो अभी आया भी नहीं है. यह कहना उचित है कि नाटो के खिलाफ यह युद्ध रूस के लिए ठीक नहीं चल रहा है.”

यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं पश्चिमी देश
एक अन्य सरकारी टेलीविजन चैनल पर एक एंकर ने तर्क दिया कि यूक्रेन “अभी तक और अधिक उकसावे, खूनी, भयानक और पूरी तरह से अकल्पनीय” कार्रवाई को अंजाम देकर पश्चिम की बोली बोल रहा था. चैनल वन पर वर्मा पोकाज़ेट के मेजबान ओलेसा लोसेवा ने कहा कि पश्चिम अब यूक्रेन को “अरबों हथियारों” की आपूर्ति कर रहा है.

रूस अपने इलाके में हमले से बौखलाया, यूक्रेन पर बड़े मिसाइल आक्रमण की चेतावनी

रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि युद्धपोत एक बंदरगाह पर ले जाते समय आए तूफान में डूब गया. मंत्रालय के मुताबिक, युद्धपोत पर आमतौर पर 500 नाविक तैनात होते हैं और 14 अप्रैल को इसके डूबने से पहले ही चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित उतार लिया गया था, जिसके बाद उस पर लगी आग पर भी काबू पा लिया गया था.

युद्धपोत लंबी दूरी की 16 मिसाइलें ले जाने की क्षमता रखता था. जानकारों का कहना है कि युद्धपोत के डूबने से काला सागर में रूस की सैन्य क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. इसके अलावा, यह घटना पहले से ही एक बड़ी ऐतिहासिक भूल के रूप में देखे जाने वाले यूक्रेन युद्ध में रूस की प्रतिष्ठा के लिए बड़ा झटका भी है.

Tags: Russia, Ukraine





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