अमेरिकी राजदूत का खैबर पख्तूनख्वा में जोरदार स्वागत, सरकार ने कहा- भारत के राजदूत का भी करेंगे स्वागत


पेशावर: अमेरिकी राजदूत का भव्य स्वागत करने को लेकर आलोचना का सामना कर रही खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने सोमवार को सफाई देते हुए कहा कि अमेरिकी राजनयिक का स्वागत इसलिए किया गया कि वह आधिकारिक दौरे पर प्रांत में आए थे. राज्य सरकार ने कहा कि इसका पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है, जिसने कि इमरान खान सरकार को गिराने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था.

पिछले हफ्ते प्रांतीय मुख्यमंत्री महमूद खान द्वारा अमेरिकी दूत डोनाल्ड ब्लोम का स्वागत करने के बाद खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) सरकार की विपक्षी दलों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा आलोचना की गई थी.

सरकार ने कहा कि स्वागत का राजनीतिक संबंध नहीं है
केपीके सरकार के प्रवक्ता बैरिस्टर मुहम्मद अली सैफ ने कहा कि अमेरिकी राजदूत आधिकारिक दौरे पर आए थे, जिसका पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की राजनीति से कोई संबंध नहीं है.

उन्होंने माना कि उनकी पार्टी ने इस साल अप्रैल में एक साजिश के जरिये पीटीआई सरकार को गिराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइड के प्रशासन को दोषी ठहराया था. लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिकी राजदूत ने किसी पार्टी कार्यालय का दौरा नहीं किया.

भारत के राजदूत का भी करेंगे स्वागत
उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान में भारतीय राजदूत कल को प्रांत का दौरा करते हैं, तो प्रोटोकॉल के तहत उनका भी स्वागत किया जाएगा. केपीके के मुख्यमंत्री खान ने पिछले हफ्ते प्रांतीय महानगर की अपनी पहली यात्रा पर अमेरिकी राजदूत का स्वागत किया और प्रांत में विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं को चलाने में सहायता की पेशकश के लिए अमेरिकी सरकार को धन्यवाद दिया.

अमेरिकी राजदूत ने केपीके के स्वास्थ्य मंत्री तमीउर सलीम झागरा को 36 नवीनतम चिकित्सकीय उपकरणों से सुसज्जित वाहन सौंपे. केपीके के अपने दौरे पर उन्होंने पाकिस्तान-अफगान तोरखम सीमा का भी दौरा किया.

Tags: America, Joe Biden, World news in hindi



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