रूस ने कहा-ग्लोबल फूड क्राइसिस के लिए हम जिम्मेदार नहीं, पढ़ें यूक्रेन जंग के बड़े अपडेट्स


Russia-Ukraine War News Update: रूस-यूक्रेन के बीच 3 महीने से ज्यादा समय से जंग चल रही है. इस लड़ाई में यूक्रेन तबाह हो रहा है. वहीं, दुनिया में खाद्यान संकट यानी फूड क्राइसिस बढ़ता जा रहा है. यूक्रेन और रूस दोनों ही खाद्यान का एक बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट करते हैं. रूस तो एक्सपोर्ट कर पा रहा है, लेकिन यूक्रेन के शिपमेंट्स को वो रोक रहा है. इस मामले में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और तुर्की के विदेश मंत्री की बातचीत हुई. लावरोव ने कहा- ‘रूस और यूक्रेन की जंग का ग्लोबल फूड क्राइसिस से कोई लेना-देना नहीं है. पश्चिमी देश और खासतौर पर अमेरिका अफवाहें फैला रहे हैं.’

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा- ‘हमने पहले भी साफ किया था कि फूड ले जा रहे किसी शिपमेंट को रूस नहीं रोकेगा. हम यही कर रहे हैं. रूसी सैनिक हर शिपमेंट को चेक करेंगे. ये देखा जाएगा कि फूड की जगह इनमें हथियार तो नहीं हैं. अगर हथियार मिले तो उस शिप को जब्त कर लिया जाएगा. अगर उसमें वास्तव में फूड आयटम्स या गेहूं है तो हम उसे बिल्कुल नहीं रोकेंगे.’ बता दें कि रूस और यूक्रेन अफ्रीका की जरूरत का 40% फूड एक्सपोर्ट करते हैं. जंग की वजह से यहां गेहूं के दाम इस साल 25 फीसदी तक बढ़ चुके हैं.

इसके साथ ही आइए जानते हैं रूस और यूक्रेन जंग के 10 अपडेट्स…

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा- ‘रूस ने अपनी हिफाजत के लिए समुद्र में कुछ बारूदी सुरंगें लगाई हैं. हम इससे इनकार नहीं कर रहे, लेकिन अगर फूड शिपमेंट है तो हम इन्हें फौरन हटा लेंगे. रूस ग्लोबल फूड क्राइसिस नहीं होने देगा.’

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सर्दियों के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं. जेलेंस्की ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन आने वाली सर्दियों के लिए गैस और कोयले के रिजर्व तैयार कर रहा है. इसके अलावा बिजली के प्लांट्स को फिर से तैयार किया जा रहा है. गैस और इलेक्ट्रिसिटी के रेट्स जरूर बढ़ाए जाएंगे ताकि सरकारी खजाने पर इसका बोझ न पड़े.

मारियुपोल के अजोवस्टल स्टील प्लांट में फंसे यूक्रेनी सैनिकों ने रूसी सेना के सामने सरेंडर कर दिया था. अब जानकारी मिली है कि इन सैनिकों को रूस भेजा जा रहा है. यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक, करीब 1,000 सैनिकों को रूस भेजा गया है.

रूस के लिए सेवेरोडोनेट्सक शहर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है. यहां कब्जा होने से डोनेट्स्क के मुख्य शहर क्रामाटोर्स्क का रास्ता खुल जाएगा. सेवेरोडनेत्स्क के कम से कम 70 प्रतिशत क्षेत्र में रूसी नियंत्रण होने की सूचना है. हालांकि, यूक्रेनी सेना ने इससे इनकार किया है. यूक्रेन का कहना है कि यहां जंग जारी है.

इस बीच रूसी सेना पूरी ताकत से डोनबास इलाके पर कब्जे में जुटी हुई है. रूस के मुताबिक, उसने पूर्वी यूक्रेन में कब्जाए दोनबास क्षेत्र को क्रीमिया की जमीनी सीमा से एक लैंड कॉरिडोर के जरिये जोड़ दिया है. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्र को क्रीमिया से जोड़ने के बाद इस रूट पर लोगों और सामानों की आवाजाही शुरू हो गई है.

उपग्रह से मिली तस्वीरों में 24 घंटे के दौरान सेवेरोदोनेस्क शहर में तबाही स्पष्ट दिख रही है. यहां रूसी आर्टिलरी हमले के बाद 40 मीटर चौड़ा गड्ढा तक हो गया और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं.

रूसी रक्षामंत्री शोइगु ने आगे कहा कि उत्तरी क्रीमिया नहर जिसे क्रीमिया की लाइफलाइन कहा जाता है, उसके पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी है. उन्होंने कहा, लैंड कॉरिडोर के जरिये यूक्रेन के दक्षिणी बंदरगाह वाले मारियुपोल, बर्दियांस्क और खेरसॉन तक जरूरी सामान पहुंचाने में मदद मिलेगी.

ओडेसा रीजनल मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रवक्ता सेरही ब्रैचुक ने कहा कि जंग इतनी खतरनाक हो गई है कि हर 5 मिनट में 1 रूसी सैनिक की मौत हो रही है.

रूस और यूक्रेन की जंग ने आम लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है. UN के मुताबिक, 30 लाख बच्चों की पढ़ाई छूट गई है.

ब्रिटिश डिफेंस सेक्रेटरी बेन वालेस ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय अपना समर्थन जारी रखता है, तो मुझे विश्वास है कि यूक्रेन रूस के खिलाफ जंग जीत सकता है.

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FIRST PUBLISHED : June 09, 2022, 07:27 IST



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