India Argentina: इस देश ने दिखाई भारतीय लड़ाकू विमान ‘तेजस’ में दिलचस्पी, इन मुद्दों पर हो गई बात


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Highlights

  • विदेश मंत्री जयशंकर ने अर्जेंंटीना के समकक्ष के साथ की बैठक
  • अमेरिका भी भारत में विकसित इस लड़ाकू विमान में दिखा रहा है दिलचस्पी

India Argentina: अर्जेंटीना दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप का बड़ा देश है। इस देश में भारतीय फाइटर विमान ‘तेजस’ को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। दरअसल, विदेश मंत्री एस जयशंकर अर्जेंटीना दौरे पर गए थे। उनका दौरा अब समाप्त हो गया है। दो दिन के इस दौरे में कई मुद्दों पर डील और चर्चा हुई। पहले दिन जयशंकर ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज से मुलाकात की और व्यापार संबंधों को अधिक अच्छे बनाने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही रक्षा और परमाणु ऊर्जा में द्विपक्षीय सहयोग की संभावना पर चर्चा की। लेकिन इस दौरे में एक खास बात रही वो थी अजेंटीना की भारत में बने तेजस विमान में दिलचस्पी।

इन देशों ने भी दिखाई दिलचस्पी, एक तो दुनिया का सबसे ताकतवर देश

भारत में निर्मित तेजस लड़ाकू विमान खरीदने के लिए अर्जेंटीना ने भी रुचि दिखाई है। हमारे तेजस विमान की खासियत ऐसी है कि अर्जेंटीना ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा देश अमेरिका भी भारत में विकसित इस लड़ाकू विमान में दिलचस्पी दिखा रहा है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस समेत 6 देशों ने भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस में रुचि दिखाई है। जबकि मलेशिया पहले ही इस विमान को खरीदने की तैयारी में है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने अर्जेंंटीना के समकक्ष के साथ की बैठक

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अर्जेंटीना विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो के साथ सह-अध्यक्षता में एक व्यापक और संयुक्त आयोग की बैठक की। जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों पर व्यापक समीक्षा की गई जिसमें रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु मुद्दे बाजार पहुंच, कृषि और पशुपालन व्यापार और निवेश शामिल हैं।

 इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति फर्नांडीज से मुलाकात के बाद डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि मुझे रिसीव करने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद। जयशंकर ने कहा कि  अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने व्यापार स्तरों को अधिक टिकाऊ और महत्वाकांक्षी बनाने सहित द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।  उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स सहित सस्ती स्वास्थ्य सेवा के महत्व को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा की संभावनाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

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