South Africa News: अफ्रीक में मंडराया राजनीतिक संकट, 2011 जैसी बगावत होने की चेतावनी


Former South African President Thabo Mbeki- India TV Hindi News
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Former South African President Thabo Mbeki

Highlights

  • देश को परिवर्तन लाने वाले नेताओं की जरूरत है: मबेकी
  • देश में बेरोजगारी, असमानता, गरीबी और अपराध बढ़े: मबेकी

South Africa News: पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति थाबो मबेकी ने हाल ही में देश और इसकी संभावनाओं की एक निराशाजनक तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के नेतृत्व वाली अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के पास देश की कई सामाजिक-आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए कोई राष्ट्रीय योजना नहीं है। इनमें बढ़ती बेरोजगारी, असमानता, गरीबी और अपराध शामिल हैं। आधिकारिक राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 34.5% है। यह देश दुनिया में सबसे अधिक असमान भी है, और लगभग 55.5% (तीन करोड़ तीन लाख) आबादी गरीबी में रहती है। मबेकी ने 1997 से 2007 तक एएनसी अध्यक्ष के रूप में दो कार्यकाल और 1999 से 2008 तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

मबेकी ने एएनसी राजनेताओं के बारे में चिंता व्यक्त की

दक्षिण अफ्रीका ने उनके कार्यकाल के दौरान औसत सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 4.2% प्राप्त की, जिससे वह और वित्त मंत्री ट्रेवर मैनुअल दक्षिण अफ्रीका के नवीन लोकतंत्र में सबसे सफल आर्थिक संयोजन के सूत्रधार बन गए। फिर भी रंगभेद से विरासत में मिली देश की सामाजिक-आर्थिक समस्याएं उनके कार्यकाल में बनी रहीं। मबेकी ने एएनसी राजनेताओं के बारे में चिंता व्यक्त की, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लोगों की सेवा नहीं की, बल्कि आत्म-संवर्धन पर ज्यादा ध्यान दिया। उन्होंने सरकार, नागरिक समाज संगठनों, समुदायों, व्यापार और श्रम के बीच सहयोग की कमी पर भी अफसोस जताया। और उन्होंने स्थानीय सरकारों, विशेष रूप से एएनसी के नेतृत्व वाली सरकारों के सख्त दबाव की ओर इशारा किया। 

उच्च अपराध दर पर अफसोस जताया

मबेकी ने उच्च अपराध दर पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में एएनसी अच्छी तरह से शासन नहीं कर रही है, जो 1994 से सत्ता में है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश में वैसी बगावत हो सकती है, जैसी 2011 में ट्यूनीशियाई सरकार को गिराने के लिए हुई थी और जो बाद में अरब जगत में फैल गई थी। दक्षिण अफ्रीका को वास्तव में इन सभी मुद्दों से खतरा है – विशेष रूप से बेरोजगारी, असमानता, गरीबी और एकजुटता की कमी से। ट्यूनीशियाई क्रांति उच्च बेरोजगारी, असमानता, खाद्य मुद्रास्फीति, भ्रष्टाचार, राजनीतिक स्वतंत्रता की कमी और खराब जीवन स्थितियों के कारण हुई थी। मेरे विचार से, देश को परिवर्तनकारी नेताओं की जरूरत है – जो अपनी समस्याओं को ठीक करने के लिए व्यक्तियों और सामाजिक प्रणालियों में सकारात्मक बदलाव को प्रेरित कर सकें। 

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