अफगानिस्तान की ‘बच्चा बाजी’ परंपरा क्या है और क्यों इसे बंद किया जाना चाहिए?


अफगानिस्तान की आबो-हवा बदल गई है. पिछले साल अगस्त से यहां एक बार फिर से तालिबान का राज हो गया. सत्ता संभालने के वक्त तालिबान ने वादा किया था कि वो लोगों की आजादी पहले की तरह जारी रहेगी. लेकिन एक बार वहां से बच्चों और महिलाओं के खिलाफ जुल्म की खबरें आ रही हैं. कई महिलाएं अब भी चारदीवारी में रहने को मजबूर हैं. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने तालिबान पर अफगान महिलाओं तथा लड़कियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया है. बता दें कि एक बार फिर से वहां बच्चा बाजी परंपरा की चर्चा शुरू हो गई है. आखिर क्या है ये, आइए जानते हैं विस्तार से…

अफगानिस्तान में लड़कों को लड़कियों को रंग-बिरंगे कपड़े पहना कर नचाने की प्रथा है. इस प्रथा को ‘बच्चाबाजी’ कहा जाता है. कहा जाता है कि पार्टी में नाचने के बाद कुछ लोग इन लड़कों का यौन शोषण भी करते हैं. बच्चा बाजी की प्रथा इस क्रूरता को एक कदम और आगे ले जाती है जहां युवा लड़कों को बच्चा बरीश (दाढ़ी रहित लड़के) के रूप में भी जाना जाता है. बच्चे के शरीर को बेचने, कामुक नृत्य में लिप्त होने और महिलाओं के रूप में पोशाक बनाने के लिए बनाया जाता है. इस दौरान कई ताकतवर पुरुष युवा लड़कों को खरीदते भी हैं.

डांस और यौन शोषण
कहा जाता है कि इस प्रथा पर थोड़ा लगाम लगाने की कोशिश भी गई. ये तब हुआ जब अफगान सरदारों ने सत्ता और धन का प्रदर्शन करने के लिए एक या एक से अधिक लड़कों को खरीदना शुरू कर दिया था. लड़कों का या तो अपहरण कर लिया जाता है या उनके परिवारों से खरीदा जाता है, अक्सर उन्हें महिलाओं के रूप में तैयार किया जाता है और मेकअप पहना जाता है और निजी पार्टियों और शादियों में डांस करवाया जाता है. इन युवा लड़कों का स्वामित्व अविवाहित या विवाहित पुरुषों के पास होता है, जो उन्हें यौन सुख के लिए रखते हैं. द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान की पश्तून संस्कृति बच्चा बाजी को एक गैर-इस्लामी या समलैंगिक कृत्य के रूप में नहीं देखती है क्योंकि पुरुष लड़के से प्यार नहीं करते हैं, लेकिन बस उन्हें यौन क्रिया के लिए रखते हैं.

क्या कहते हैं लोग?
बच्चा बाजी पर बहस दो साल पहले उस वक्त शुरू हुई जब एक ऐसे फेसबुक पेज का पता चला जहां युवा लड़कों के साथ दुर्व्यवहार के 100 से अधिक वीडियो थे. आम लोगों ने क्वोरा पर इसके बारे में बड़े ही दिलचस्प जवाब दिए हैं. बता दें कि क्वोरा एक सवाल-जवाब वाली वेबसाइट है, जिस पर लोग सवाल पूछ सकते हैं और उत्तर दे भी सकते हैं, एक यूजर ने लिखा है, ‘अफगानिस्तान में बच्चा बाजी एक ऐसी प्रथा है, जिसमें 10 से 15 साल के लड़कों को धकेला जाता है, इन लड़कों को लड़कियों को ड्रेस में नचाया जाता है और फिर उनका यौन शोषण होता है.’

Tags: Afghanistan, OMG News, Taliban



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