नाटो सम्मेलन में बोले लीडर्स, रूस के खिलाफ गठबंधन बलों को मजबूत करना हमारी प्रमुख प्राथमिकता


मैड्रिड: उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के नेताओं ने कहा है कि पूर्वी यूरोप में गठबंधन के बलों को रूस के खिलाफ एक प्रतिरोध के रूप में मजबूत करना मैड्रिड शिखर सम्मेलन ( Madrid summit 2022) की एक प्रमुख प्राथमिकता है. ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि नाटो को “पिछले कुछ महीनों से सबक लेने और पूर्वी हिस्से की अपनी स्थिति को संशोधित करने की आवश्यकता है.’’

पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने कहा कि रूस के समीप स्थित सदस्यों के लिए अपने तीव्र प्रतिक्रिया बल को बढ़ाने की नाटो की प्रतिबद्धता से यूरोप “सुरक्षित” होगा. उन्होंने कहा, “रूस, यूरोप के लिए एक खतरा है और न केवल यूरोप के लिए बल्कि पूरे नाटो के लिए खतरा है.”

नाटो ने कहा है कि वह पूर्वी हिस्से के लिए अपने तीव्र प्रतिक्रिया बल के तहत सैनिकों की संख्या 40,000 से बढ़ाकर 300,000 करेगा. पूर्वी हिस्से में यूक्रेन और बेलारूस के साथ लगती पोलैंड की सीमाएं शामिल हैं. बेलारूस रूस का सहयोगी देश है.

बुधवार को शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में इस बात पर विचार किया जाएगा कि नाटो किस प्रकार यूक्रेन को और अधिक समर्थन दे सकता है.

जब तक जरूरी होगा तब तक करेंगे यूक्रेन की मदद
जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्ज ने कहा कि नाटो के सदस्य और अन्य देश “जब तक जरूरी होगा, तब तक रूस के खिलाफ अपनी रक्षा के लिए यूक्रेन की क्षमता का समर्थन करते रहेंगे.”

उन्होंने मैड्रिड में नाटो शिखर सम्मेलन की शुरुआत में कहा कि सैन्य गठबंधन और कई अन्य देश इस बात से सहमत हैं कि रूस ने जब 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया तो उसने यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन किया.

उन्होंने कहा, “यही कारण है कि यहां एकत्र होने वाले देश, और कई अन्य देश वित्तीय साधनों, मानवीय सहायता के साथ-साथ यूक्रेन को तत्काल आवश्यकता वाले हथियार मुहैया करा कर योगदान दे रहे हैं.’’

Tags: NATO, Russia ukraine war, Vladimir Putin



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here