रूस ने डॉल्फिन्स को दी खास ट्रेनिंग, काला सागर में ऐसे कर रही नौसेना की सुरक्षा


मॉस्को. रूस और यूक्रेन के बीच बीते दो महीने से जंग जारी है. रूस ने यूक्रेन पर नए सिरे से हमले करने शुरू कर दिए हैं. इस बीच कुछ सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें रूसी नौसेना ने अपनी सुरक्षा के लिए मछलियों का इस्तेमाल किया है. काला सागर में रूस के नौसैनिक अड्डे की सुरक्षा कुछ मछलियां कर रही हैं. इन मछलियों को रूस ने खास ट्रेनिंग दी है जो खतरा महसूस होने पर हमला भी कर सकती हैं.

यूएसएनआई न्यूज (United States Naval Institute) ने दावा किया है कि यूक्रेन युद्ध के दौरान काला सागर में अपने नौसैनिक अड्डे की सुरक्षा के लिए रूस ने प्रशिक्षित डॉल्फिन्स को तैनात किया है. रूसी नौसेना ने सेवस्तोपोल (Sevastopol) बंदरगाह के एंट्री गेट पर दो डॉल्फिन पेन रखे हैं.

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रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन डॉल्फिन को ऐसे ट्रेंड किया गया है कि वे समुद्र की सतह पर गिरी किसी चीज को ढूढ़ निकाल लाती हैं. साथ ही खुफिया मिशन को अंजाम दे सकती हैं.

यूएसएनआई न्यूज की खबर के अनुसार सैटेलाइट तस्वीरें से पता चलता है कि ये पेन यूक्रेन पर हमले के समय फरवरी में यहां लाए गए थे. सेवस्तोपोल काला सागर में रूसी नौसेना का सबसे प्रमुख नौसैनिक अड्डा है. संभवतः इन डॉल्फिन्स को पानी के नीचे जवाबी कार्रवाई के लिए यहां रखा गया है. अमेरिका और रूस इस तरह के ऑपरेशन के लिए समुद्री जीवों को ट्रेनिंग देते हैं. यह यूक्रेनी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेस को रूसी युद्धपोतों को नुकसान पहुंचाने के लिए बंदरगाह में घुसपैठ करने से रोक सकता है.

कोल्ड वॉर के दौरान समुद्री जीवों से जुड़े प्रोग्राम की हुई थी शुरुआत
शीत युद्ध के दौरान सोवियत नौसेना ने समुद्री जीवों से जुड़े कई प्रोग्राम विकसित किए थे जिसमें काला सागर में डॉल्फिन की ट्रेनिंग भी शामिल थी. वह यूनिट सेवस्तोपोल पास कज़ाच्या बुख्ता में मौजूद थी जहां यह आज भी है. साल 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यूनिट यूक्रेनी सेना का हिस्सा बन गई. हालांकि, इसे चालू रखने के कई प्रयासों के बाद भी इसमें कई मुश्किलें आईं और आखिरकार यह बंद हो गई.

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रूस के ट्रेनिंग प्रोग्राम से बचकर निकली थी व्हेल
रूस के इस प्रॉजेक्‍ट ने उस समय दुनिया का ध्‍यान अपनी ओर खींचा जब बेलुगा नाम व्‍हेल मछली अप्रैल 2019 में नार्वे पहुंची. इस व्‍हेल मछली को हवल्‍दीमीर नाम दिया गया था. यह व्‍हेल मछली रूस की नौसेना के ट्रेनिंग प्रोग्राम से बचकर निकली थी. अब रूस ने युद्धग्रस्‍त सीरिया के पास अपनी डॉल्फिन सेना को तैनात किया है. रूस को डर सता रहा है कि दुश्‍मन के समुद्र के रास्‍ते पनडुब्बियों पर हमला कर सकता है.

इन्हें भी स्पाई ट्रेनिंग देता है रूस
2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया जिसके बाद यह यूनिट रूसी नौसेना के नियंत्रण में आ गई. इसके बाद समुद्री जीवों के कार्यक्रम का विस्तार किया गया और यह दोबारा शुरू हो गई. आर्कटिक नॉर्थ में, रूस की नॉर्दर्न फ्लीट दूसरे समुद्री जीवों का इस्तेमाल करती है, जैसे बेलुगा व्हेल और सील.

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