Al-Zawahiri Killed: बड़ा खुलासा- अमेरिका के ड्रोन हमले से बौखलाया आतंकी संगठन ‘हक्कानी नेटवर्क’, अल-जवाहिरी की मौत के बाद किया ये काम


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Highlights

  • अमेरिका के ड्रोन हमले में मारा गया अल-जवाहिरी
  • काबुल के घर में अमेरिका ने किया हवाई हमला
  • हक्कानी नेटवर्क ने घर तक पहुंच प्रतिबंधित की है

Al-Zawahiri Killed: आतंकवादी संगठन ‘हक्कानी नेटवर्क’ ने इस बात को छिपाने की कोशिश की कि अल-कायदा सरगना अयमान अल-जवाहिरी काबुल में एक सुरक्षित मकान में है। मीडिया की कुछ खबरों में मंगलवार को यह जानकारी दी गई है। काबुल के इसी मकान पर अमेरिकी ड्रोन हमले में 71 साल का जवाहिरी मारा गया है।  अमेरिका पर 9/11 को हुए हमलों की साजिश अल-जवाहिरी और ओसामा बिन-लादेन ने मिलकर रची थी। ओसामा बिन-लादेन को अमेरिका ने 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में एक अभियान में मार गिराया था। जवाहिरी अमेरिकी कार्रवाई में ओसामा बिन-लादेन के मारे जाने के बाद अल-कायदा का सरगना बना था।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को घोषणा की कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) द्वारा काबुल में शनिवार शाम किए गए ड्रोन हमले में जवाहिरी मारा गया है। जवाहिरी काबुल स्थित एक मकान में अपने परिवार के साथ छिपा था। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर के अनुसार, ‘अमेरिकी ड्रोन हमले के बाद, आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क के सदस्यों ने यह बात छिपाने की कोशिश की कि अल-कायदा सरगना अयमान अल-जवाहिरी काबुल के उसी मकान में था और उसने इस जगह तक लोगों की पहुंच भी प्रतिबंधित कर दी थी। यह मकान कथित तौर पर तालिबान के शीर्ष सरगना सिराजुद्दीन हक्कानी के एक शीर्ष सहयोगी का है।’

जलालुद्दीन का बेटा है सिराजुद्दीन हक्कानी

खबर में प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया कि एक अमेरिकी विश्लेषक के अनुसार, ‘जिस मकान पर हमला किया गया, उसका मालिक सिराजुद्दीन हक्कानी का एक शीर्ष सहयोगी है’, सिराजुद्दीन हक्कानी अफगानिस्तान की तालिबान सरकार में गृह मंत्री है। ‘हक्कानी नेटवर्क’ का गठन जलालुद्दीन हक्कानी ने किया था, यह एक आतंकवादी संगठन है। सोवियत संघ की सेना के खिलाफ युद्ध के दौरान जलालुद्दीन हक्कानी अफगानिस्तान के एक विद्रोही कमांडर के रूप में उभरा था। खबर के अनुसार, अमेरिका के पास कई खुफिया जानकारियां हैं, जिनसे इस बात की पुष्टि होती है कि हवाई हमले में जवाहिरी मारा गया। ऐसा कहा जाता है कि जवाहिरी काफी समय से पाकिस्तान में था।

दोनों देशों में अल-कायदा की मौजूदगी

खबर में अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया, ‘वह काबुल में मारा गया, यह न केवल दोनों देशों के बीच सीमा पर लचर व्यवस्था, बल्कि अल-कायदा द्वारा दशकों से किए जा रहे दोनों देशों की मकानों, इमारतों और परिसरों के इस्तेमाल को दर्शाता है।’ खबर के अनुसार, अमेरिकी खुफिया सूत्रों को इस साल की शुरुआत में अल-जवाहिरी की पत्नी, बेटी और नाती-पोते के काबुल के एक मकान में पहुंचने की जानकारी मिली थी। खबर में अधिकारियों के हवाले से कहा गया, ‘अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को धीरे-धीरे अल-जवाहिरी के भी उसी मकान में होने की पुष्टि होती गई। जैसा कि उन्होंने लादेन के खिलाफ कार्रवाई में भी किया था, खुफिया अधिकारियों ने विभिन्न तरीकों और स्रोतों के जरिए उसके वहां मौजूद होने की पुष्टि की।’

अमेरिका-तालिबान ने एक दूसरे पर लगाए आरोप

जवाहिरी की मौत के साथ ही अब 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए हमलों के सभी प्रमुख साजिशकर्ता या तो मारे गए हैं या कैद में हैं। अमेरिका का दावा है कि तालिबान ने अल-जवाहिरी को देश में पनाह देकर शांति समझौते का उल्लंघन किया है। वहीं तालिबान का कहना है कि अमेरिका ने हवाई हमला कर शांति समझौते का उल्लंघन किया है। 

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