इंफोसिस ने रूस में बंद किया कारोबार, पढ़ें यूक्रेन जंग के अब तक के 10 अपडेट


Russia-Ukraine War News Update: यूक्रेन जंग को 50 दिन पूरे हो चुके हैं. हर तरफ तबाही का मंज़र है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन के लिए 800 मिलियन डॉलर (करीब 6,089 करोड़ रुपये) के मिलिट्री सहायता को मंजूरी दी है.

वहीं, रूस ने अमेरिकी संसद के 398 सदस्यों को ट्रैवल बैन लिस्ट में डाल दिया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि अमेरिका की ओर से पिछले महीने रूसी सांसदों पर बैन लगाया गया था. इसके जवाब में रूस ने यह फैसला लिया है.

आइए जानते हैं रूस और यूक्रेन जंग के अब तक के 10 अपडेट…

चेक दूतावास ने कीव में फिर से काम करना शुरू कर दिया है. चेक विदेश मंत्रालय ने 13 अप्रैल को ट्विटर कर कहा कि हम यूक्रेन के साथ हमेशा खड़े रहेंगे.

कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने यूक्रेन में रूसी हमलों को नरसंहार करार दिया है. उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में पुतिन को वॉर क्राइम के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए कनाडा ने शुरूआती पहल की.

रूस ने यूक्रेन पर गोलीबारी का आरोप लगाया है. रूस के पश्चिमी शहर कुर्स्क के गवर्नर रोमन स्टारोवोइट ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन ने यहां पर गोलीबारी की है.

रूसी सेना ने बुधवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में यूक्रेन के कमांड सेंटरों पर हमला करने की धमकी दी है. रूसी डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि उसने ऐसा करने से अब तक परहेज किया है. यूक्रेनी सैनिक रूसी इलाके पर हमला कर रहे हैं.

ओडेसा के गवर्नर ने कहा कि यूक्रेनी बलों ने बुधवार को मिसाइल हमलों से काला सागर में एक रूसी युद्धपोत को क्षतिग्रस्त कर दिया. काला सागर की रक्षा करने वाली नेपच्यून मिसाइलों ने रूसी जहाज को बहुत गंभीर नुकसान पहुंचाया.

पोलैंड, लिथुआनिया, एस्टोनिया और लातविया के राष्ट्रपतियों ने कीव से 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बोरोडिएंका का दौरा किया. इस शहर की आबादी 12,000 है. इन्होंने यूक्रेन के लिए सैन्य समर्थन बढ़ाने और रूस को हमले के लिए जवाबदेह ठहराने की मांग की. चारों देशों के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलने कीव पहुंचेंगे.

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने रूस के लिए सामरिक और आर्थिक महत्व के 14 रूसी राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों पर लक्षित वित्तीय प्रतिबंध लगाए. लिस्टिंग में रक्षा से संबंधित संस्थाएं-परिवहन कंपनी कामाज, और शिपिंग कंपनियां SEVMASH और यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉर्प शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध से कई गरीब देशों में तबाही की आशंका है. यह तबाही आर्थिक संकट से लेकर खाद्य और ऊर्जा संकट उत्पन्न कर सकती है.

भारत की सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस ने बुधवार को यह ऐलान किया कि वह अपना कारोबार रूस से बाहर लेकर जा रही है. इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख ने बताया कि, रूस में हमारे जितने भी सेंटर हैं, उन सभी जगहों से हमने अपना पूरा कारोबार रूस से बाहर ले जाना शुरू कर दिया है.

रूस इस युद्ध के दौरान न्यूक्लियर हथियारों की धमकी भी दे रहा है. बीते बुधवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कहा था कि अगर रूस के सामने ‘अस्तित्व का खतरा’ खड़ा होगा तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here